पंजाब पुलिस में फर्जी सर्टिफिकेट से नौकरी पाने का मामला उजागर
पंजाब पुलिस में फर्जी सर्टिफिकेट से नौकरी पाने का मामला उजागर
PSEB वेरिफिकेशन में हुआ खुलासा, आरोपी ब्लैकलिस्ट

चंडीगढ़: पंजाब पुलिस में फर्जी सर्टिफिकेट के सहारे नौकरी पाने का मामला सामने आया है। यह खुलासा तब हुआ जब पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) ने सर्टिफिकेट की वेरिफिकेशन की। जांच के बाद PSEB ने उक्त व्यक्ति को अपने रिकॉर्ड में ब्लैकलिस्ट कर दिया है और फर्जी दस्तावेज को जब्त करने की कार्रवाई की गई है।
लुधियाना से बना था फर्जी सर्टिफिकेट
जानकारी के मुताबिक, पंजाब पुलिस द्वारा एक 10वीं कक्षा का सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन के लिए भेजा गया था, जो लुधियाना जिले से संबंधित था। जब PSEB ने इसकी जांच की तो पता चला कि 2014 में यह रोल नंबर किसी भी मनप्रीत सिंह नाम के छात्र को जारी नहीं किया गया था। इससे स्पष्ट हो गया कि सर्टिफिकेट पूरी तरह फर्जी है।
हर महीने आते हैं दो हजार से अधिक वेरिफिकेशन केस
PSEB के अनुसार, हर महीने लगभग 2,000 सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन के लिए आते हैं, जिनमें से कई संदिग्ध होते हैं। पिछले पांच सालों में 50 से अधिक फर्जी सर्टिफिकेट पकड़े जा चुके हैं। वहीं, हर साल 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में करीब 7 लाख छात्र शामिल होते हैं।
PSEB अब बड़े बोर्डों की तर्ज पर अपनी वेरिफिकेशन प्रक्रिया को और सख्त कर रहा है, ताकि भविष्य में फर्जी सर्टिफिकेट के माध्यम से सरकारी नौकरियों में घुसपैठ को रोका जा सके।
आगे की कार्रवाई जारी
इस मामले में पंजाब पुलिस ने फर्जी सर्टिफिकेट धारक के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी जांच और सख्त कदम उठाए जाने की संभावना है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या इसी तरीके से अन्य लोगों ने भी नौकरी हासिल की है।
निष्कर्ष
फर्जी दस्तावेजों के सहारे सरकारी नौकरी हासिल करने के प्रयासों पर शिकंजा कसने के लिए अब PSEB और पंजाब पुलिस सतर्क हो गई हैं। वेरिफिकेशन प्रक्रिया को और कड़ा किया जा रहा है, ताकि इस तरह की धोखाधड़ी को पूरी तरह रोका जा सके।



