हिसार से जयपुर के लिए भी शुरू हुई हवाई सेवा, हरियाणा के विकास को मिली नई उड़ान

चंडीगढ़, 12 सितंबर 2025: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने महाराजा अग्रसेन हवाई अड्डा, हिसार से जयपुर के लिए नई हवाई सेवा का शुभारंभ किया। इससे पहले हिसार से अयोध्या, दिल्ली और चंडीगढ़ के लिए हवाई सेवाएं शुरू हो चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से इस हवाई सेवा का उद्घाटन करते हुए कहा कि यह सिर्फ नई उड़ान की शुरुआत नहीं, बल्कि हरियाणा के विकास, क्षेत्रीय समावेशन और आधुनिक कनेक्टिविटी के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
हरियाणा की पहचान बनेगी आधुनिक हवाई कनेक्टिविटी
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि कृषि प्रधान प्रदेश हरियाणा ने अब नागरिक उड्डयन में भी अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि 2014 से सरकार की प्राथमिकता रही है कि प्रदेश में एयर कनेक्टिविटी को बढ़ावा दिया जाए। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साल 14 अप्रैल को महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट से अयोध्या के महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक हवाई उड़ान शुरू की थी। इसके साथ ही एयरपोर्ट के दूसरे टर्मिनल का भी शिलान्यास किया गया था।
हिसार एयरपोर्ट: तकनीकी उन्नयन और आधुनिक सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने बताया कि एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की मदद से हिसार हवाई अड्डा अत्याधुनिक तकनीकों से लैस किया गया है। डॉपलर वीओआर प्रणाली से न्यूनतम दृश्यता 5,000 मीटर से घटाकर 2,800 मीटर कर दी गई है, जिससे खराब मौसम में भी उड़ानें सुगमता से संचालित होंगी। इसके अलावा इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) भी स्थापित किया जा रहा है, जिससे रात के समय भी हवाई जहाजों की लैंडिंग संभव होगी।
भविष्य में हिसार एयरपोर्ट का बड़ा विकास
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार महाराजा अग्रसेन हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय स्तर का आधुनिक एयरपोर्ट बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए नए टर्मिनल भवन, एटीसी टावर, कार्गो कॉम्प्लेक्स, अग्निशमन केंद्र, प्रशासनिक भवन, पार्किंग जैसी सुविधाओं का विकास किया जाएगा। वे आगे कहा कि आने वाले वर्षों में हिसार एयरपोर्ट को दिल्ली एयरपोर्ट का विकल्प भी बनाया जाएगा, जिससे आम नागरिक, छोटे व्यापारी और उद्योगपतियों को बड़े लाभ मिलेंगे।
हिसार बनेगा औद्योगिक, लॉजिस्टिक और निवेश केंद्र
नायब सिंह सैनी ने कहा कि सिर्फ हवाई सेवा ही नहीं, बल्कि हिसार को औद्योगिक, लॉजिस्टिक और निवेश के केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। 28 अगस्त 2024 को हिसार को अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में शामिल किया गया है। 20 अगस्त 2025 को इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर, हिसार के लिए स्टेट स्पोर्ट एग्रीमेंट और शेयरहोल्डर एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर हुए। इस परियोजना के तहत लगभग 2,988 एकड़ क्षेत्र में 4,680 करोड़ रुपये की लागत से 1,25,000 रोजगार के अवसर पैदा होंगे। यह प्रोजेक्ट पूर्वी और पश्चिमी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से जुड़कर हरियाणा को उद्योगों का प्रमुख प्रवेश द्वार बनाएगा।



