राज्यसभा सांसद संदीप पाठक ने उठाया पाकिस्तान की ड्रोन गतिविधियों का मुद्दा, राष्ट्रीय सुरक्षा पर जताई चिंता
राज्यसभा सांसद संदीप पाठक ने उठाया पाकिस्तान की ड्रोन गतिविधियों का मुद्दा, राष्ट्रीय सुरक्षा पर जताई चिंता
नई दिल्ली/पंजाब: राज्यसभा सांसद संदीप पाठक ने पंजाब के सीमावर्ती इलाकों में पाकिस्तान द्वारा लगातार बढ़ाई जा रही ड्रोन गतिविधियों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि यह न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि सीमावर्ती गांवों में रहने वाले लोगों के जीवन को भी प्रभावित कर रहा है। उन्होंने सरकार से उन्नत एंटी-ड्रोन तकनीक विकसित करने और प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
हर साल बढ़ रही ड्रोन घुसपैठ
सांसद संदीप पाठक ने बताया कि पंजाब की 550 किलोमीटर लंबी सीमा पाकिस्तान से लगती है, जहां ड्रोन गतिविधियों में लगातार इजाफा हो रहा है। 2020 में 50 ड्रोन देखे गए थे, लेकिन पिछले साल यह संख्या बढ़कर साढ़े 350 तक पहुंच गई। उन्होंने चिंता जताई कि जितने ड्रोन सीमा पर गिराए जाते हैं, उनकी संख्या बहुत कम है। इसका मतलब यह है कि अधिकांश ड्रोन बिना किसी रुकावट के नशा, हथियार और अन्य संदिग्ध सामग्रियां गिराकर वापस लौट जाते हैं।
चीन और तुर्किये से ड्रोन खरीद रहा पाकिस्तान
सांसद ने बताया कि पाकिस्तान चीन और तुर्किये से उन्नत तकनीक वाले ड्रोन खरीद रहा है, जबकि भारत की एंटी-ड्रोन टेक्नोलॉजी अभी उस स्तर तक विकसित नहीं हुई है। उन्होंने जोर दिया कि हमें जल्द से जल्द नई तकनीक अपनानी होगी और सुरक्षा बलों को आधुनिक प्रशिक्षण देना होगा।
उन्होंने कहा, “फर्स्ट लाइन ऑफ डिफेंस बीएसएफ है और दूसरी लाइन राज्य पुलिस है। हमें देखना होगा कि बीएसएफ के पास टेक्नोलॉजी और ट्रेनिंग पर्याप्त है या नहीं। अगर नहीं, तो हमें इसे अपग्रेड करना होगा।”
बॉर्डर एरिया के लोगों पर बढ़ा खतरा
सीमावर्ती गांवों में रहने वाले लोगों को हो रही परेशानियों पर बात करते हुए उन्होंने बताया कि ड्रोन के आने से गांवों को अक्सर सील कर दिया जाता है और सुरक्षा कारणों से हर घर की तलाशी ली जाती है। इससे स्थानीय लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है।
तेजी से एक्शन लेने की जरूरत
संदीप पाठक ने सरकार से ड्रोन घुसपैठ पर ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाने की मांग की। उन्होंने अमृतसर और तरनतारन जैसे सीमावर्ती इलाकों में आधुनिक तकनीक और रणनीतिक उपकरणों की तैनाती का सुझाव दिया।
उन्होंने कहा, “सरकार को इस मुद्दे को हल करने के लिए तुरंत प्रभावी कदम उठाने होंगे। हमें उन्नत एंटी-ड्रोन सिस्टम अपनाने और सुरक्षा बलों को ट्रेनिंग देने की जरूरत है, ताकि पाकिस्तान की इस प्रॉक्सी वॉर रणनीति को विफल किया जा सके।”



