हरियाणा में ‘बेटी बचाओ’ अभियान तेज़, लिंगानुपात में ऐतिहासिक सुधार — सख्त हुई सरकार

चंडीगढ़, 22 जुलाई 2025 — हरियाणा में ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान को नई गति मिल रही है। राज्य की स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री आरती सिंह राव ने लिंगानुपात की बिगड़ती स्थिति को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए अधिकारियों को साप्ताहिक समीक्षा बैठक करने और ठोस कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसके तहत गठित राज्य टास्क फोर्स (STF) अब हर सप्ताह लिंगानुपात की स्थिति की समीक्षा कर रही है।
इस सप्ताह महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं (DGHS) मनीष बंसल की अध्यक्षता में हुई बैठक में अवैध गर्भपात और लिंग निर्धारण पर सख्ती से रोक लगाने की रणनीति पर मंथन हुआ। बैठक में खुलासा हुआ कि हरियाणा का लिंगानुपात 14 से 21 जुलाई, 2025 के बीच बढ़कर 917 हो गया है, जो पिछले वर्ष इसी सप्ताह 860 था — यानी 57 अंकों की बढ़ोतरी। जनवरी से जुलाई तक के औसत आंकड़े भी उत्साहजनक रहे हैं, जो 902 से बढ़कर 904 तक पहुंच चुके हैं।
सरकार द्वारा अवैध गर्भपात पर निगरानी के लिए रिवर्स ट्रैकिंग प्रणाली लागू की गई है। अब तक राज्य में 690 मामलों की रिवर्स ट्रैकिंग हो चुकी है, जिनमें सबसे अधिक मामले अंबाला जिले से सामने आए हैं। इस प्रक्रिया के तहत संदिग्ध मामलों में अब तक 18 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और 13 और मामलों में कार्रवाई जारी है।
डॉ. बंसल ने साफ किया कि दोषी पाए गए डॉक्टरों के खिलाफ लाइसेंस रद्द करने सहित कड़ी कार्रवाई की जाएगी। निजी अस्पतालों, क्लीनिकों, चिकित्सा कर्मियों, आशा और एएनएम कार्यकर्ताओं तक को कारण बताओ नोटिस भेजे जा रहे हैं। वहीं, डीजीएचएस (पी) कुलदीप सिंह ने सभी सीएमओ को निर्देश दिए कि गर्भपात की सूचना मिलने के 24 घंटे के भीतर रिवर्स ट्रैकिंग अनिवार्य रूप से की जाए।
टास्क फोर्स ने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट जारी करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा, प्री-इम्प्लांटेशन जेनेटिक टेस्टिंग (PIGT) मामलों की रिपोर्ट पांच दिनों के भीतर प्रस्तुत करने का भी आदेश दिया गया है ताकि लिंग चयन जैसे दुरुपयोग को रोका जा सके।



