हरियाणा में 23 साल बाद विशेष गहन मतदाता सूची संशोधन, राजनीतिक दल 30 सितंबर तक नियुक्त करें बीएलए

चंडीगढ़, 16 सितंबर 2025 : हरियाणा में करीब 23 वर्षों के बाद मतदाता सूचियों का विशेष गहन संशोधन शुरू होने जा रहा है। इसको लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए. श्रीनिवास ने सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों से आग्रह किया है कि वे 30 सितंबर 2025 तक अपने बूथ लेवल एजेंट्स (BLA) की नियुक्ति सुनिश्चित करें और इसकी सूचना जिला उपायुक्तों, जिला निर्वाचन अधिकारियों व मुख्य निर्वाचन कार्यालय को अनिवार्य रूप से भेजें।
श्रीनिवास ने इस संबंध में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की और बताया कि यह गहन पुनरीक्षण भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में यह कार्य लगभग 23 साल बाद हो रहा है, और इसकी प्रक्रिया को सटीक, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के लिए राजनीतिक दलों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह भी पढ़ें : एचवीपीएनएल बना ग्रुप-ए स्तर पर पूरी तरह ऑनलाइन ट्रांसफर प्रणाली लागू करने वाला पहला निगम
क्या है इस विशेष संशोधन की प्रक्रिया?
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि इस बार की मतदाता सूची को वर्ष 2002 की सूची से मिलान किया जाएगा। यदि किसी मतदाता का नाम दोनों सूचियों में पाया जाता है, तो उसे कोई दस्तावेज देने की आवश्यकता नहीं होगी, केवल गणना फॉर्म (एनुमरेशन फॉर्म) भरना होगा।-
BLA – मतदाता सूची में सुधार की अहम कड़ी
श्रीनिवास ने बताया कि बीएलए (बूथ लेवल एजेंट), बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) के साथ मिलकर मतदाता सूची को अद्यतन और सटीक बनाने में मदद करता है।
बीएलए को अपने क्षेत्र की स्थानीय जानकारी होती है, जैसे:
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18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले नागरिक,
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मृत मतदाता,
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स्थानांतरित नागरिक,
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दोहरी प्रविष्टियों की पहचान आदि।
इसीलिए सभी राजनीतिक दलों से अनुरोध है कि वे न केवल बीएलए नियुक्त करें बल्कि अपने अधिकृत पदाधिकारियों की सूची भी समय रहते निर्वाचन आयोग को भेजें।
अनुच्छेद 326 के अनुसार केवल भारतीय नागरिक को मतदान का अधिकार
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि भारतीय संविधान का अनुच्छेद 326 केवल भारत के नागरिकों को ही मतदाता सूची में नाम दर्ज करवाने का अधिकार देता है। विदेशी नागरिक भारत में मतदाता नहीं बन सकते।



