Haryana

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने लॉन्च किया ‘नीव’ पोर्टल, ‘ज्ञान सेतु’ के तहत कई विश्वविद्यालयों से एमओयू

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनकल्याण हेतु किए गए कार्यों और नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन से देशवासियों को आज एक बड़ा सकारात्मक परिवर्तन स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी सरकार की मूल जिम्मेदारी जनता के हित में कार्य करना होती है और आज देश व प्रदेश के नागरिक यह अनुभव कर रहे हैं कि यह सरकार वास्तव में उनकी अपनी सरकार है—यही सुशासन का सच्चा स्वरूप है। उन्होंने कहा कि एक समय था जब लोग यह मानते थे कि केवल पाँच वर्ष पूरे करने होते हैं और फिर सरकार बदल ही जाती है, लेकिन आज स्थिति बदल चुकी है। अब जनता बदलाव नहीं, बल्कि धरातल पर दिखाई देने वाला ठोस और परिणाममुखी कार्य चाहती है।

मुख्यमंत्री वीरवार को पंचकूला में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों और सतत मूल्यांकन के लिए ‘नेशनल एजुकेशन इवैल्यूएशन एंड वेलिडेशन (नीव) पोर्टल’ का शुभारंभ किया। साथ ही, मुख्यमंत्री की उपस्थिति में ‘ज्ञान सेतु’ पहल के अंतर्गत स्वर्ण जयंती हरियाणा इंस्टीट्यूट फॉर फिस्कल मैनेजमेंट और विभिन्न विश्वविद्यालयों के बीच एमओयू पर हस्तासक्षर किए गए।

कौशल और आत्मनिर्भरता पर आधारित दूरदर्शी पहल

नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज का दिन हरियाणा के शैक्षणिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगा, क्योंकि आज हरियाणा के शिक्षा परिदृश्य को एक नई दिशा मिली है, जो प्रदेश के भविष्य को सशक्त आधार प्रदान करेगी। आज हुए सभी एमओयू का उद्देश्य दूरदर्शी सोच पर आधारित है, ताकि हरियाणा अपनी जड़ों से जुड़ते हुए मजबूती के साथ आगे बढ़ सके। इसी क्रम में 24 दिसंबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा विज़न डॉक्यूमेंट–2047 का शुभारंभ किया गया था। यह संकल्प प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के विजन के अंतर्गत है।

रिसर्च के लिए 20 करोड़

मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में पहली बार शोध (रिसर्च) के लिए 20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कदम है। बजट तैयार करते समय हमारी यह स्पष्ट सोच थी कि विश्वविद्यालय शोध के क्षेत्र में आगे आएँ और विद्यार्थी जमीनी समस्याओं के समाधान से जुड़ें। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि आज हम देख रहे हैं कि जलभराव (वॉटरलॉगिंग) एक गंभीर समस्या बन चुकी है, इसलिए एक विश्वविद्यालय इस विषय पर गहन शोध कर स्थायी समाधान सुझाए।

जनकल्याणकारी पहलों से बदली देश-प्रदेश की तस्वीर

नायब सिंह सैनी ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले जिन मुद्दों पर कभी गंभीरता से विचार नहीं हुआ, उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ठोस सोच के साथ अमल में लाकर जनकल्याण का माध्यम बनाया। मोदी सरकार की जनकल्याणकारी पहलों से देश-प्रदेश की तस्वीर बदली है। आयुष्मान भारत–चिरायु योजना से करोड़ों लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा मिली, हर घर नल से जल योजना ने ग्रामीण महिलाओं की कठिनाइयाँ कम कीं, ‘म्हारा गांव-जगमग गांव’ पहल से हरियाणा में अधिकांश गांवों में 24 घंटे बिजली पहुंची और उज्ज्वला योजना से गरीब परिवारों को गैस कनेक्शन मिले। इन पहलों ने बुनियादी समस्याओं का समाधान कर लोगों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव लाया है।

एआई प्री-बजट फीडबैक पोर्टल लॉन्च

मुख्यमंत्री ने कहा कि गत दो दिन पहले ही एआई प्री-बजट फीडबैक पोर्टल लॉन्च किया गया है। इस पर नागरिक और विभिन्न हितधारक अपने सुझाव दे सकते हैं। विद्यार्थियों भी अच्छे और उपयोगी सुझाव दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह बजट सरकार का नहीं, बल्कि जनता का बजट है, जिसमें लोगों की भागीदारी जरूरी है। अधिक से अधिक सुझाव आएँगे तो प्रदेश के विकास के लिए बेहतर और प्रभावी निर्णय लिए जा सकेंगे।

रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा देते हुए हरियाणा को बनाएं अग्रणी : अनुराग रस्तोगी

इससे पहले हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने कहा कि प्रदेश के सभी विश्वविद्यालय हरियाणा विजन डॉक्यूमेंट-2047 के अनुरूप कृषि प्रधान राज्य हरियाणा को मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर के रूप में तेजी से विकसित करने की दिशा में कार्य करें। उन्होंने विश्वविद्यालयों में शोध और नवाचार को बढ़ावा देने पर बल देते हुए कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा 20 करोड़ रुपये का हरियाणा स्टेट रिसर्च फंड स्थापित किया गया है, ताकि उच्च शिक्षण संस्थानों में रिसर्च और इनोवेशन को प्रोत्साहन दिया जा सके।

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