भ्रष्टाचार से ध्यान भटकाने के लिए चीन का ‘भावनात्मक दांव’!
गलवान में मारे गए सैनिकों की माताओं के वीडियो किए वायरल, सोशल मीडिया पर राष्ट्रवाद का माहौल बनाने की कोशिश
Asheesh srivastava
चीन की सेना में बढ़ते भ्रष्टाचार और सैन्य अधिकारियों पर लगातार लग रहे आरोपों के बीच अब बीजिंग ने लोगों का ध्यान भटकाने के लिए भावनात्मक कार्ड खेलना शुरू कर दिया है। मदर्स डे के मौके पर चीन की सरकारी मीडिया ने गलवान घाटी संघर्ष में मारे गए सैनिकों की माताओं के भावुक वीडियो प्रसारित किए, जिन्हें सोशल मीडिया पर बड़े स्तर पर वायरल किया जा रहा है।
चीनी सरकारी अखबार Global Times की रिपोर्ट के मुताबिक, जून 2020 में गलवान घाटी संघर्ष में मारे गए सैनिक चेन शियांगरोंग, शियाओ सियुआन और वांग झूओरान की माताओं को ‘चीनी जन क्रांति सैन्य संग्रहालय’ ले जाया गया। वहां अपने बेटों की प्रतिमाएं देखकर माताएं फूट-फूट कर रो पड़ीं। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सरकारी मीडिया ने भावनात्मक अंदाज में प्रसारित किया।
भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच भावनात्मक नैरेटिव
विशेषज्ञों का मानना है कि चीन इस तरह के राष्ट्रवादी और भावनात्मक कंटेंट के जरिए सेना में चल रहे भ्रष्टाचार विवाद से जनता का ध्यान हटाने की कोशिश कर रहा है। हाल के महीनों में कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों पर कार्रवाई और जांच ने चीनी सेना की छवि पर सवाल खड़े किए हैं।
गलवान संघर्ष अब भी चीन की राजनीति का हिस्सा
जून 2020 में Galwan Valley clash में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी, जिसमें दोनों देशों के जवान मारे गए थे। चीन लंबे समय तक अपने सैनिकों के आंकड़े छिपाता रहा, लेकिन बाद में कुछ जवानों को “शहीद” घोषित कर राष्ट्रवादी अभियान का हिस्सा बनाया गया।




