मुख्यमंत्री ने ‘दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना’ की दूसरी किस्त की जारी, लाडो के खातों में आई फिर लक्ष्मी

चंडीगढ़ : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ‘दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना’ की दूसरी किस्त जारी की। किश्त जारी होने के साथ ही 7 लाख 1 हजार 965 लाभार्थी बहनों के खातों में लगभग 148 करोड़ रुपये की राशि का लाभ पहुंचा है। मुख्यमंत्री बुधवार को यहां आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर सामाजिक न्याय अधिकारिता अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं अंत्योदय (सेवा) मंत्री कृष्ण कुमार बेदी भी उपस्थित रहे।
उन्होंने कहा कि गत 25 सितंबर को ‘दीन दयाल लाडो लक्ष्मी’ ऐप का शुभारंभ पंडित दीन दयाल उपाध्याय जी के 109वें जन्मदिवस के अवसर पर किया था। उसके बाद 1 नवंबर को पात्र महिलाओं को पहली किस्त जारी कर उन्हें लाभ प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस ऐप पर गत 30 नवंबर तक 9 लाख 592 महिलाओं ने आवेदन किया है। इनमें से 7 लाख 1 हजार 965 महिलाएं पात्र पाई गई हैं। इनमें से 5 लाख 58 हजार 346 महिलाओं ने अपना आधार KYC पूरा कर लिया है। जबकि, 1 लाख 43 हजार 619 महिलाओं का वेरिफिकेशन पेंडिंग है।
इस अवसर पर सामाजिक न्याय अधिकारिता अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं अंत्योदय (सेवा) विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव जी अनुपमा, सूचना जनसंपर्क भाषा एवं संस्कृति विभाग के महानिदेशक के मकरंद पांडुरंग, सेवा विभाग के निदेशक प्रशांत पंवार और सूचना जनसंपर्क भाषा एवं संस्कृति विभाग की अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) वर्षा खांगवाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
हर तीन महीने में डाली जाएगी राशि
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने निर्णय लिया है कि अब इस योजना का लाभ 3 माह के अंतराल में दिया जाएगा और 3 माह की राशि का एक साथ भुगतान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह योजना सिर्फ आर्थिक सहायता का माध्यम नहीं, बल्कि महिलाओं के सामाजिक सशक्तिकरण और आर्थिक स्वावलंबन की दिशा में एक मजबूत पहल है।
टेक्नोलॉजी से पारदर्शिता
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना का लाभ 23 वर्ष या इससे अधिक आयु की वे सभी महिलाएं ले सकती हैं, जिनके परिवार की वार्षिक आय एक लाख रुपये से कम है। इस योजना का विशेष पहलू यह है कि परिवार की सभी पात्र महिलाएं इस योजना का लाभ ले सकती हैं। इस योजना का लाभ पाने के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और ऑनलाइन है। आवेदन ‘लाडो लक्ष्मी मोबाइल ऐप’ के माध्यम से किसी भी स्थान से किसी भी समय सरलता से किया जा सकता है।
24 से 48 घंटे में वेरिफिकेशन
उन्होंने कहा कि आवेदन पूरा होते ही 24 से 48 घंटे में सारी वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूरी कर ली जाती है और पात्र पाई गई महिलाओं को एसएमएस द्वारा सूचित कर दिया जाता है। इस एसएमएस में उनसे निवेदन किया जाता है कि वे आवेदन के अंतिम चरण में इसी ऐप पर दोबारा जाकर अपना लाइव फोटो खींचकर अपलोड करें। जैसे ही आधार डेटाबेस के माध्यम से ई- केवाईसी हो जाती है, उसके बाद सेवा विभाग इस योजना की आईडी जारी कर देता है।
पश्चिम बंगाल में हिंदुओं को टार्गेट किया जा रहा
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में कुछ ही महीने बचे हैं, ऐसे में मुख्यमंत्री नायब सैनी ने ममता बनर्जी की टीएमसी सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि वहां हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है और महिलाएं काफी ज्यादा परेशान हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस सरकार एक खास तबके को खुश करने पर ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में महिला मुख्यमंत्री होने के बावजूद राज्य में महिलाएं परेशान हैं। उन्होंने कहा, वहां महिलाओं की क्या हालत है? एक महिला मुख्यमंत्री के राज में, महिलाएं परेशान हैं, बेटियां बाहर नहीं जा सकतीं। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में हिंदू समुदाय को टार्गेट किया जा रहा है। उन्होंने सवाल पूछा कि SIR का विरोध वहां क्यों हो रहा है। उनको तो सरकार का सहयोग करना चहिए, कुछ गलत है तो सहयोग कीजिए। अगर कुछ गलत नहीं है तो फिर क्यों गलत होगा, जो भारत के नागरिक है उनको कोई नहीं छेड़ेगा।



