जल्द आ सकता है हरियाणा जन विश्वास विधेयक : छोटे अपराधों को अपराध-मुक्त करने, नियामक बाधाओं को दूर करने का लक्ष्य

हरियाणा में निवेश का माहौल बढ़ाने और प्रदेश को व्यापार-अनुकूल गंतव्य बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, राज्य सरकार की योजना हरियाणा जन विश्वास विधेयक लाने की है। इस ऐतिहासिक विधेयक का उद्देश्य छोटे-मोटे अपराधों को अपराध से मुक्त करने के साथ-साथ नियामक बाधाओं को दूर करना और विभागों में अनुपालन बोझ को कम करना भी है। कैबिनेट सचिवालय के विशेष सचिव केके पाठक की अध्यक्षता में अनुपालन में कमी और और विनियमन को बढ़ावा देने के सम्बन्ध में हुई बैठक के दौरान इन पहलों की जानकारी दी गई।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने इस बात पर जोर दिया कि राज्य सरकार विनियमन को बढ़ावा देकर, छोटे अपराधों को अपराध-मुक्त और अनुपालन बोझ को कम करके कारोबारी सहुलियत बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्य सचिव ने आगे कहा कि राज्य सरकार का दृष्टिकोण समग्र है। चाहे औद्योगिक स्वीकृतियों को सुव्यवस्थित करना हो, भू-अभिलेखों का डिजिटलीकरण हो या भवन बिल्डिंग कोड को सरल बनाना हो, हर उपाय का मकसद निवेशकों का भरोसा बढ़ाना और उद्यम को सहायता देना है।
हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डाॅ. अमित कुमार अग्रवाल ने कहा कि पिछले एक दशक में, हरियाणा ने तीन प्रमुख विभागों में 36 पुराने अधिनियमों को निरस्त किया है और 37 छोटे आपराधिक प्रावधानों को हटाया है। जन विश्वास विधेयक कानूनी आधुनिकीकरण के अगले चरण का प्रतीक है। इस सुधार की अगुवाई कर रहे उद्योग एवं वाणिज्य विभाग ने 37 विभागों के 230 से अधिक अधिनियमों की व्यापक समीक्षा शुरू की है।



