हरियाणा में मानसून से पहले बाढ़ प्रबंधन को लेकर अलर्ट मोड, डॉ. सुमिता मिश्रा की सख्त हिदायत

चंडीगढ़, 11 जून — हरियाणा सरकार ने आगामी मानसून के मद्देनज़र राज्य भर में बाढ़ से निपटने की तैयारियों को तेज़ कर दिया है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन की वित्तीय आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने मंगलवार को सभी जिलों के उपायुक्तों के साथ एक अहम समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में बाढ़ प्रबंधन की रणनीति, मॉक ड्रिल, पंपिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थिति और शहरी जलभराव को रोकने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई।
डॉ. मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मानसून से जुड़ी किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को बाढ़ संभावित हॉटस्पॉट की पहचान कर वहां जिम्मेदार अधिकारियों की नियुक्ति, पंप ऑपरेटरों की तैनाती और आकस्मिक योजना पर अमल के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि 4,097 किलोमीटर लंबे ड्रेनेज नेटवर्क का 78% हिस्सा अब तक साफ किया जा चुका है, जो कि 27 मई को मात्र 19% था। डॉ. मिश्रा ने 100% निकासी कार्य को 20 जून, 2025 तक पूरा करने की डेडलाइन तय की है।
सिंचाई विभाग ने 2,401 पंपों की सूची तैयार की है और 553 किलोमीटर HDPE पाइपलाइनों के जरिए जल निकासी की पूरी तैयारी की है। वहीं, ₹282.95 करोड़ की लागत वाली 209 अल्पकालिक बाढ़ सुरक्षा परियोजनाएं भी चल रही हैं, जिन्हें जून 2025 तक पूरा किया जाना है।



