केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल का बड़ा बयान: “16 साल से दिल्ली का पानी पी रहा हूँ, मैं तो जीवित हूँ”
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल का बड़ा बयान: “16 साल से दिल्ली का पानी पी रहा हूँ, मैं तो जीवित हूँ”
चंडीगढ़: दिल्ली विधानसभा चुनावों के दौरान यमुना नदी के प्रदूषण को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने चंडीगढ़ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, “मैं 16 साल से दिल्ली का पानी पी रहा हूँ, मैं तो जीवित हूँ।” उनका यह बयान यमुना नदी में प्रदूषण को लेकर उठ रहे सवालों के संदर्भ में आया है।
SYL विवाद पर बोले पाटिल
सतलुज-यमुना लिंक (SYL) नहर विवाद को लेकर भी केंद्रीय मंत्री ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “हरियाणा सरकार SYL मामले में सुप्रीम कोर्ट गई थी, और अब केंद्र सरकार पंजाब और हरियाणा के बीच संवाद स्थापित कर इस विवाद को सुलझाने का प्रयास कर रही है।” उन्होंने भरोसा जताया कि दोनों राज्यों के साथ बातचीत के जरिए इस मामले का समाधान निकाल लिया जाएगा।
हरियाणा को 76,000 करोड़ रुपए का बजट मिला
हरियाणा के विकास को लेकर पाटिल ने बताया कि केंद्र सरकार ने राज्य को 76,000 करोड़ रुपए का बजट दिया है। इसके अलावा, 15 करोड़ घरों तक शुद्ध जल पहुंचाने का काम किया गया है, और 2028 तक हर घर तक शुद्ध जल पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
जल संरक्षण पर ज़ोर, हरियाणा के कई डार्क ज़ोन चिन्हित
हरियाणा में गिरते भूजल स्तर को लेकर भी पाटिल ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कई डार्क जोन चिन्हित किए गए हैं, जहां जल स्तर लगातार गिर रहा है। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर इस समस्या के समाधान के लिए काम कर रही हैं। उन्होंने दावा किया कि आने वाले वर्षों में इस समस्या से निजात मिलेगी और जल स्तर में सुधार होगा।
किसानों को मिल रहा सम्मान निधि का लाभ
किसान सम्मान निधि योजना के तहत हरियाणा के 13.8 लाख किसानों को लाभ मिला है। पाटिल ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों के हित में लगातार काम कर रही है और यह योजना उन्हें आर्थिक संबल प्रदान कर रही है।
बजट की तारीफ, अर्थव्यवस्था को तीसरे स्थान पर लाने का लक्ष्य
पाटिल ने केंद्रीय बजट की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 12 लाख तक की वार्षिक आय को कर मुक्त कर दिया है। उन्होंने कहा कि दस साल में भारत की अर्थव्यवस्था पांचवें स्थान पर पहुंच गई है, और जल्द ही इसे तीसरे स्थान पर लाने का लक्ष्य रखा गया है।
जल शक्ति मंत्रालय को मिला 67,000 करोड़ का बजट
उन्होंने बताया कि इस बार जल शक्ति मंत्रालय के लिए 67,000 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया है, जिससे जल प्रबंधन और संरक्षण के कार्यों को और अधिक गति मिलेगी।
निष्कर्ष
सीआर पाटिल के इन बयानों से साफ है कि केंद्र सरकार जल प्रबंधन और किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। SYL विवाद को हल करने के प्रयास जारी हैं, वहीं हरियाणा में जल संकट को दूर करने की भी योजनाएं बनाई जा रही हैं। दिल्ली के पानी को लेकर उनका बयान निश्चित रूप से चुनावी बहस को और तेज कर सकता है।



