IPS पूरन कुमार को न्याय दिलाने की महापंचायत में हंगामा — पूर्व सांसद राजकुमार सैनी के बयान ने भड़काया विवाद

चंडीगढ़, 12 अक्टूबर 2025 : चंडीगढ़ में दिवंगत आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार को न्याय दिलाने के लिए आयोजित महापंचायत उस समय विवादों में घिर गई, जब कुरुक्षेत्र के पूर्व सांसद राजकुमार सैनी द्वारा दिए गए एक बयान ने कार्यक्रम का माहौल गर्मा दिया।
राजकुमार सैनी ने अपने संबोधन में कहा- हम वाल्मीकि की पूजा करते हैं, इन्होंने ही इस देश की रामायण लिखी थी… नहीं भाई, नहीं — व बाल्मीकि नाम का ब्राह्मण था, जिसने 2200 साल पहले यह लिखी थी।
सैनी के इस बयान ने मौके पर मौजूद वाल्मीकि समाज और अन्य समुदायों के लोगों को आक्रोशित कर दिया। उन्होंने इसे इतिहास के साथ छेड़छाड़ और सामाजिक अस्मिता पर चोट करार देते हुए विरोध शुरू कर दिया। नारेबाज़ी और तीखे सवालों के बीच कुछ देर के लिए कार्यक्रम का माहौल तनावपूर्ण हो गया।
आयोजकों ने संभाला मोर्चा, भीड़ से की शांति की अपील
स्थिति को भांपते हुए आयोजकों ने माइक संभाला और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह मंच किसी भी तरह की विवादित बयानबाज़ी के लिए नहीं, बल्कि आईपीएस पूरन कुमार को न्याय दिलाने की मांग के लिए है।
आईपीएस पूरन कुमार, जिनकी मौत को संदिग्ध बताया जा रहा है, के परिजनों और समर्थकों ने सीबीआई जांच और संपूर्ण न्याय प्रक्रिया की मांग करते हुए इस महापंचायत का आयोजन किया था।
पूरन कुमार को न्याय दिलाने की मांग जारी
बयानबाज़ी के हंगामे के बावजूद, महापंचायत का मूल उद्देश्य — आईपीएस पूरन कुमार की रहस्यमयी मौत में निष्पक्ष जांच और दोषियों को सजा दिलवाना — अभी भी केंद्र में है।
लोगों ने एक स्वर में मांग की कि सरकार को तुरंत संज्ञान लेते हुए जांच एजेंसी का गठन करना चाहिए।



