हरियाणा में भवन नक्शा पास करने की प्रक्रिया होगी ऑनलाइन

चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश में बनाई जाने वाली घरेलू एवं वाणिज्यिक इमारतों के लिए नगर निकाय विभाग से पास होने वाले नक्शों की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस व्यवस्था के लागू होने से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि नागरिकों को भी सुविधा मिलेगी और प्रक्रिया में लगने वाला समय कम होगा। उन्होंने इसके लिए समय सीमा भी निर्धारित करते हुए अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सचिवालय में शुक्रवार को शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अर्बन चैलेंज फंड को लेकर भी अधिकारियों से अलग अलग पहलुओं पर चर्चा की। जिसके तहत अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को इस योजना के तहत हरियाणा में किए जाने वाले कार्य की योजना बारे पहलुओं को साझा किया।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने शहरी क्षेत्रों में वेस्ट वाटर के पुनः उपयोग (रीयूज) को लेकर भी गंभीरता से कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शहरों में स्थापित एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) से निकलने वाले पानी का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए। इस पानी को पार्कों की सिंचाई, उद्योगों तथा कृषि कार्यों में प्रयोग में लाने के लिए आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिससे बड़ी-बड़ी इंडस्ट्री, पार्क और खेती में इस ट्रीटेड पानी का प्रभावी उपयोग हो सके। बकायदा यह भी कहा गया कि एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) से पार्क तक अथवा जहां पानी का इस्तेमाल होना है, वहां लंबी अवधि तक चलने वाले पाइप लाइन भी बिछाए जाएं। पार्क, ग्रीन बेल्ट में तो इसे लेकर व्यवस्था करने पर खासा फोकस किया जाए।
कार्यों में देरी नहीं होनी चाहिए
मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि “विकसित भारत” की दिशा में प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है, ऐसे में कार्यों में देरी अब स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने नगर निकाय विभाग के सभी प्रोजेक्ट्स को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि टेंडर अलॉट होने के बाद कार्य लंबे समय तक लंबित न रहे। ठेकेदारों को पहले ही स्पष्ट निर्देश दिए जाएं कि उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा करना होगा।
सड़कों की संभाल पर खास फोक्स
बैठक के दौरान अधिकारियों ने जानकारी दी कि विभाग द्वारा 16 हजार किलोमीटर सड़कों की जीआईएस मैपिंग का कार्य पूरा कर लिया गया है। ‘म्हारी सड़क’ ऐप के माध्यम से इन सड़कों से संबंधित प्राप्त शिकायतों पर कार्रवाई की जा रही है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने के लिए जारी निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाए। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि विभाग के अंतर्गत आने वाले हरियाणा के विभिन्न निकाय क्षेत्रों में कुल 2,276 सड़कों की पहचान की गई है। इनमें से 1,144 सड़कों का निर्माण 510.34 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा।



