अम्बाला शहर पालिका विहार की जमीन पर ‘गिद्धदृष्टि’ 500 करोड़ की सरकारी जमीन पर भू-माफिया का कब्जा

अम्बाला शहर : अम्बाला शहर का पालिका विहार एक बार फिर सुर्खियों में है, मुद्दा फिर वही है सरकारी जमीन पर नए-नए उपजे भू माफिया की गिद्धदृष्टि। इस बार भी अधिकारियों व कर्मचारियों को मिलाकर भू-माफिया करीब 500 करोड़ रुपए की बेशकीमती जमीन पर अपना कब्जा जमा रहे हैं। एक जागरूक नागरिक की शिकायत पर यह मामला उजागर हुआ, उजागर भी ऐसा हुआ कि खुद अम्बाला नगर निगम की मेयर को इसकी जानकारी मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी व शहरी स्थानीय निकाय विभाग के मंत्री विपुल गोयल को देनी पड़ गई।
शहर के प्रीत नगर निवासी अनूप सिंह राणा ने जब पालिका विहार में हो रहे इस अवैध निर्माण को देखा तो उन्होंने इसकी शिकायत वहां की पार्षद अर्चना छिब्बर को की। छिब्बर ने अनूप राणा के कहने पर दो बार वहां काम रुकवाया, लेकिन बावजूद इसके जब अवैध निर्माण निरंतर जारी रहा तो अनूप राणा ने नगर निगम, अंबाला शहर बिल्डिंग ब्रांच पर जाकर इसकी शिकायत की… उसके बावजूद भी जब यह काम जारी रहा। जब अनूप राणा ने इसकी जांच पड़ताल की तो पता लगा कि इस निर्माण में फिजियोथैरेपी सेंटर बनेगा जो कि समाज के लिए कार्य करेगा, इस पर शिकायतकर्ता ने कहा कि फिजियोथैरेपी सेन्टर बनना अच्छी बात है समाज के लिए कुछ होना अच्छी बात है, लेकिन वह सरकारी जमीन पर कब्जा करके कैसे बन सकता है। शिकायतकर्ता ने यह भी बताया कि इसके लिए एक मंत्री के द्वारा 14 लाख रुपए दिए गए हैं, इसमें एक एनजीओ भी शामिल है। जिसके बाद राणा ने 9 सितंबर को अम्बाला नगर निगम की ईमेल पर एक शिकायत कर दी। शिकायत क्या करनी थी कुछ ही देर नगर निगम में हलचल मच गई हुआ यह की शिकायकर्ता अनूप सिंह राणा को कुछ देर बाद एक अननोन नंबर से लगातार फोन आने लगे इस नंबर का जिक्र उन्होंने वीडियो में भी किया है हालांकि उन्होंने इसके कोई रिप्लाई व जवाब नहीं दिया।
नक्शा पास होने पर गहराया विवाद
इस विवादित जमीन पर जिसका खसरा नंबर 319 है जिसका सूबा अकबरपुर है। शिकायतकर्ता ने कहा कि जब आनलाइन नक्शे पास करने का पोर्टल लगभग 4 माह से बंद पड़ा है तो अचानक सहायक नगर आयुक्त दीपक सूरा ने 29 अगस्त को किस तरह से ऑफलाइन नक्शा पास कर दिया यह जांच का विषय है। राणा ने कहा कि उनकी ऐसी क्या मजबूरी रही कि यह तो वही बता सकते हैं। अनूप राणा ने 11 सितंबर इस सारे प्रकरण की एक अन्य शिकायत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, नगर निकाय मंत्री विपुल गोयल, ऊर्जा मंत्री अनिल विज, रजिस्ट्रार पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट, सीबीआई नई दिल्ली, ईडी नई दिल्ली को उन्होंने शिकायत दे दी है।
मैं खुद हैरान हूं कि कोई कार्रवाई नहीं हुई : मेयर

मेयर शैलजा सचदेवा ने कहा कि वह खुद हैरान है कि अब तक इस प्रकरण में कार्रवाई क्यों नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के साथ 19 केस अम्बाला शहर पालिका विहार के खसरा नंबर 319 के कोर्ट में विचाराधीन है। जिसका रिट नंबर 11275 है। इस मामले की सुनवाई 1 दिसंबर 2025 को होनी है। मालिकाना हक के लिए नगर निगम अंबाला ने इस सारे मामले को लेकर हाईकोर्ट में रिट लगाई हुई है हैरानी की बात तो यह है की किस व्यक्ति ने इस जमीन को खरीदा है और कैसे इस पर निर्माण हो रहा है कैसे उसका नक्शा पास हो गया है यह सभी जांच का विषय है साथ ही उन्होंने कहा कि इस मामले में जो भी अधिकारी व कर्मचारी सम्मिलित पाया जाएगा उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने इस विषय पर जानकारी देते हुए बताया कि यह जमीन लगभग 400 से 500 करोड़ की है। यह जमीन रोडवेज, वक़्फ़ बोर्ड व हरियाणा सरकार की सम्मिलित भूमि है। इस पर कोई भू माफिया कैसे कब्ज़ा कर सकता है इन सभी विषयों के लिए मुख्यमंत्री हरियाणा सहित देश के अन्य मंत्रियों एवं उच्च अधिकारियों को इसकी शिकायत दी गई है जल्दी जांच के बाद आगामी कार्यवाही की जाएगी।



