सुप्रीम कोर्ट का बड़ा बयान: “पराली जलाने वालों को भेजो जेल, तभी सुधरेंगे हालात!”

नई दिल्ली | 17 सितंबर 2025: हर साल ठंड की दस्तक से पहले दिल्ली-NCR की हवा में ज़हर घुल जाता है। इसका मुख्य कारण है पराली जलाना, जो पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में बड़े पैमाने पर होता है। अब इस गंभीर मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि “अगर कुछ किसानों को जेल भेजा जाए, तो बाकी लोगों को सबक मिलेगा।”
CJI बीआर गवई ने क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट की बेंच, जिसमें मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई और जस्टिस के. विनोद चंद्रन शामिल थे, ने कहा हम यह मानते हैं कि किसान अन्नदाता हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि उन्हें पर्यावरण नष्ट करने की छूट दे दी जाए। अगर कुछ लोग जेल जाएंगे, तभी एक मजबूत और स्पष्ट संदेश जाएगा।
किसानों को मिल रही मशीनें, फिर भी पराली क्यों जलाई जा रही?
सुनवाई के दौरान एमिकस क्यूरी अपराजिता सिंह ने कोर्ट को बताया कि किसानों को पराली प्रबंधन के लिए सब्सिडी और मशीनें दी गई हैं। बावजूद इसके किसान बहानेबाज़ी कर रहे हैं।
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कुछ किसान दावा करते हैं कि वे ऐसी जगह पर पराली जलाते हैं जहां सैटेलाइट मॉनिटरिंग नहीं होती।
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कुछ लाचारी दिखाते हैं, जबकि हकीकत में विकल्प मौजूद हैं।
इस पर कोर्ट ने गहरी नाराज़गी जताते हुए कहा कि सिर्फ सहानुभूति से काम नहीं चलेगा, अब कठोर कार्रवाई जरूरी है
पंजाब सरकार पर कोर्ट की नाराजगी
कोर्ट की यह सख्त टिप्पणी पंजाब सरकार के प्रतिनिधि और वरिष्ठ वकील राहुल मेहरा की दलीलों के जवाब में आई। कोर्ट ने पूछा अगर आप पर्यावरण संरक्षण के प्रति गंभीर हैं, तो फिर सख्त कदम क्यों नहीं उठा रहे? क्या आप पराली जलाने वालों के लिए दंडात्मक प्रावधान लाने से पीछे हट रहे हैं?



