हरियाणा विधान सभा में ‘कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न’ विषय पर जागरुकता कार्यक्रम

चंडीगढ़ : हरियाणा विधान सभा सचिवालय में ‘कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न’ विषय पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। हरियाणा विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण और उपाध्यक्ष डॉ. कृष्ण लाल मिड्ढा की उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम में पंजाब विश्वविद्यालय के कानून विभाग की चेयरपर्सन डॉ. वंदना अरोड़ा ने विषय विशेषज्ञ के तौर पर व्याख्यान दिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हरविन्द्र कल्याण ने कहा कि कार्य स्थल पर महिलाओं के सम्मान की रक्षा का विषय सामाजिकता, नैतिकता के साथ-साथ कानूनी जिम्मेदारी से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि विधान सभा प्रदेश स्तर तक कानून निर्माण की सर्वोच्च संस्था है। यहां के सभी कर्मचारी प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से कानून निर्माण प्रक्रिया का हिस्सा हैं। इसलिए हम सभी को अपने कार्यस्थल से जुड़े कानूनों के बारे में गहन जानकारी होना जरूरी है।
उपाध्यक्ष डॉ. कृष्ण लाल मिड्ढा ने अनेक रीति रिवाजों और परंपराओं का उदाहरण देते हुए भारतीय समाज में मातृशक्ति के महत्व को रेखांकित किया। डॉ. मिड्ढा ने कहा कि जिस घर में नारी शक्ति मुस्कुराती है, लक्ष्मी वहां स्वयं चलकर आती हैं। उन्होंने कहा कि लड़कियां अपने पिता और पति दोनों परिवारों की खुशहाली चाहती हैं।
पंजाब विश्वविद्यालय के कानून विभाग की चेयरपर्सन डॉ. वंदना अरोड़ा ने ‘कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013’ की बारीकियों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
विधान सभा सचिव राजीव प्रसाद ने कार्यक्रम का परिचय प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं का सम्मान, गरिमा और आर्थिक सशक्तिकरण के अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए एक सुरक्षित कार्यस्थल आवश्यक है।



