CBI जांच और एम्स पोस्टमॉर्टम के बाद हुई मनीषा की विदाई, अंतिम संस्कार में उमड़ा जनसैलाब

भिवानी (हरियाणा), 21 अगस्त 2025 — हरियाणा के भिवानी जिले की बेटी और शिक्षिका मनीषा को आज सुबह अंतिम विदाई दी गई। सुबह 8 बजे ढाणी लक्ष्मण गांव के श्मशान घाट पर पूरे सम्मान और आंसुओं के बीच मनीषा का अंतिम संस्कार किया गया। छोटे भाई नितेश ने उन्हें मुखाग्नि दी, वहीं पिता संजय का रो-रोकर बुरा हाल था। गांव में मातम पसरा रहा, लेकिन मनीषा की “अमर रहे” की गूंज हर गली में सुनाई दी।
शव लेकर पहुंचा परिवार, भारी पुलिस बल और RAF रही तैनात
शव को दिल्ली AIIMS में पोस्टमॉर्टम के बाद सीधा सिविल अस्पताल और फिर गांव लाया गया। अंतिम यात्रा के दौरान रास्तों में भीड़ उमड़ पड़ी। पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की मौजूदगी में रास्तों को JCB से खुलवाया गया ताकि कोई व्यवधान न हो।
परिवार की दो बड़ी मांगें हुईं पूरी, फिर माने अंतिम संस्कार को
मनीषा की मौत के बाद परिजनों ने CBI जांच और दिल्ली AIIMS में पोस्टमॉर्टम की मांग रखी थी। परिवार ने शव लेने से इनकार कर दिया था और धरने पर बैठ गए थे। बुधवार शाम करीब 6 बजे सरकार द्वारा दोनों मांगें मान लेने के बाद परिवार अंतिम संस्कार को तैयार हुआ।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने बयान दिया,
“मनीषा मामले की जांच अब CBI करेगी। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। न्याय हर हाल में होगा।”
“बेटी को इंसाफ चाहिए था, अब देश को इंसाफ चाहिए”: दादा रामकिशन
मनीषा के दादा रामकिशन ने धरना खत्म करते हुए कहा,
“हमारी दोनों मांगें मान ली गई हैं। अब हम अपनी बेटी को अंतिम विदाई देना चाहते हैं।”
गांव वालों ने धरना समाप्त कर दिया लेकिन हर आंख में न्याय की उम्मीद अभी भी बाकी थी।
कौन थी मनीषा?
भिवानी की रहने वाली मनीषा एक शिक्षिका थीं और अपने स्कूल में समर्पण से पढ़ाती थीं। हाल ही में उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी, जिसे लेकर परिवार और ग्रामीणों ने गहरी साजिश की आशंका जताई।



