हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र का तीसरा दिन: कांग्रेस का मार्च – सदन में हंगामा, तीखी नोकझोंक, टकराव -मुख्यमंत्री बोले- प्रदर्शन करना तो सेक्टर-25 में करें

Haryana Assembly News : हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र का तीसरा दिन हंगामे और तीखी नोकझोंक के नाम रहा। सत्र की शुरुआत होते ही सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच वृद्धावस्था पेंशन के मुद्दे पर जबर्दस्त टकराव देखने को मिला। कांग्रेस विधायकों ने जहां सदन के बाहर पैदल मार्च निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया, वहीं सदन के भीतर मुख्यमंत्री नायब सैनी और कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी ने कांग्रेस पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। तीसरा दिन पूरी तरह से आरोप-प्रत्यारोप के केंद्र में रहा। जहां सरकार अपनी उपलब्धियों और जांच प्रक्रिया को पारदर्शी बता रही है, वहीं विपक्ष इसे भ्रष्टाचार और जनता को प्रताड़ित करने का जरिया मान रहा है। पेंशन, खेल सुविधाएं और कथित घोटाले ऐसे मुद्दे रहे जिन्होंने सदन की गरमाहट को चरम पर पहुंचा दिया। कांग्रेस के पैदल मार्च को लेकर भाजपा विधायक घनश्याम दास अरोड़ा और इनेलो विधायक अर्जुन चौटाला ने सवाल उठाए। इस पर मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि प्रदर्शन करना है तो सेक्टर 25 में करें। इसके जवाब में नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि हमें प्रदर्शन करने से कोई नहीं रोक सकता। हम तसल्ली करके छोड़ेंगे, ऐसे नहीं छोड़ेंगे।
भाजपा विधायक बोले- कांग्रेस के मार्च से हुई परेशानी
भाजपा विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने सदन में कांग्रेस के पैदल मार्च से हुई परेशानी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि क्या ये उचित है? उन्होंने स्पीकर से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग रखी। स्पीकर हरविंद्र कल्याण ने कहा कि यह मुद्दा गंभीर है। आज कई विधायकों को इसके कारण पंजाब के रास्ते आना पड़ा। मुख्यमंत्री नायब सैनी को भी सदन में आने के लिए पंजाब सचिवालय के रास्ते का प्रयोग करना पड़ा। स्पीकर ने कहा कि लोकतंत्र में सबको विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है, लेकिन सबकी सीमाएं हैं। स्पीकर ने कहा कि जब भी कोई प्रदर्शन हो तो उसको इस स्तर पर न लेकर आएं कि इससे काम में बाधा पड़े। इसके अलावा विपक्षी विधायकों का विधानसभा के बेल में आना भी उचित नहीं है। इन सब चीजों का ध्यान रखना चाहिए।
इस पर नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा, आज ऐसा कोई भी काम नहीं हुआ है, जो सदन की मर्यादा को खराब करता हो। आपने कहा, बेल में आ जाते हैं। जब कोई ऐसी हरकत करता है तो आप इसका संज्ञान लें। कई बार उत्तेजित हो जाते हैं। स्पीकर ने कहा, जब सदन चलता है तो एक जगह पर पांच से ज्यादा लोगों के खड़े होना नियमों के विरुद्ध है।



