चंडीगढ़ में साइबर ठगी: CBI और RBI अधिकारी बनकर महिला से 95 लाख की धोखाधड़ी
चंडीगढ़ में साइबर ठगी: CBI और RBI अधिकारी बनकर महिला से 95 लाख की धोखाधड़ी

चंडीगढ़ में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां सेक्टर 47-C की रहने वाली अनिल कौर ठक्कर को CBI और RBI अधिकारी बनकर ठगों ने 95 लाख रुपये का चूना लगा दिया।
कैसे हुआ फ्रॉड?
अनिल कौर को व्हाट्सएप कॉल पर एक व्यक्ति ने संपर्क किया और खुद को CBI का डायरेक्टर बताया। उसने महिला को डराया कि उनके पति का आधार कार्ड मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में इस्तेमाल हुआ है और उन पर जांच चल रही है।
इसके बाद ठगों ने एक अन्य व्यक्ति से बात करवाई, जिसने खुद को RBI का अधिकारी बताया। उसने महिला को धमकी दी कि उन पर निगरानी रखी जा रही है और उन्हें डिजिटल रूप से गिरफ्तार कर लिया गया है।
डर के चलते महिला ने ट्रांसफर किए 95 लाख रुपये
इस धमकी से घबराई महिला ने अपने रिटायरमेंट फंड से धीरे-धीरे 95 लाख रुपये ठगों के बताए गए खातों में ट्रांसफर कर दिए।
महिला ने की शिकायत, जांच में जुटी साइबर पुलिस
जब अनिल कौर को एहसास हुआ कि वह साइबर फ्रॉड का शिकार हो गई हैं, तो उन्होंने तुरंत चंडीगढ़ साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई।
पुलिस ने इस मामले में धारा 319(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2), 61(2) बीएनएस के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
साइबर फ्रॉड से बचने के लिए सतर्क रहें
यह मामला दिखाता है कि ठगों के नए-नए तरीके कितने खतरनाक हो सकते हैं। पुलिस ने आम जनता को सलाह दी है कि:
✔ किसी अनजान कॉलर की बातों में न आएं।
✔ कोई भी सरकारी अधिकारी फोन पर बैंक डिटेल या पैसे ट्रांसफर करने को नहीं कहता।
✔ ऐसी कोई कॉल आने पर तुरंत पुलिस या साइबर सेल से संपर्क करें।
चंडीगढ़ पुलिस अब इस हाई-प्रोफाइल साइबर ठगी के पीछे जुड़े गिरोह को पकड़ने के लिए जांच में जुटी हुई है।



