Haryana
पालिका विहार जमीन विवाद में दूसरा पक्ष आया सामने -वक्फ बोर्ड ईओ ने कहा प्रॉपर्टी बोर्ड की, केस जीत चुके

अम्बाला शहर : पालिका विहार का खसरा नंबर 319 को अख़बारों और शोशल मिडिया की सुर्खी बनने के बाद दूसरा पक्ष बंघन ट्रस्ट सामने आया। बंघन ट्रस्ट के पक्ष में वक्फ बोर्ड के ईओ अयाज महमूद का कहना है कि पालिका विहार में खसरा नंबर 319 वक्फ बोर्ड की प्रॉपर्टी है।
बोर्ड इस जमीन का केस जीत चुका है। इसलिए बोर्ड को पूरा अधिकार है कि वह अपनी प्रॉपर्टी को लीज पर दे सके।
बोर्ड इस जमीन का केस जीत चुका है। इसलिए बोर्ड को पूरा अधिकार है कि वह अपनी प्रॉपर्टी को लीज पर दे सके।अम्बाला शहर की बंधन ट्रस्ट ने जमीन के लिए आवेदन किया था। बोर्ड ने नियमानुसार उक्त जमीन लीज पर दी है। साथ ही नक्शा भी पास किया है। लीज ऑर्डर में शर्त है कि इसका नक्शा निगम से पास कराया जाएगा। इस जमीन पर कोर्ट का स्टे नहीं है।
इस मामले में मेयर शैलजा सचदेवा ने सीएम को पत्र लिखा था। उन्होंने बताया था कि पालिका विहार की खसरा नंबर 319 की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा किया जा रहा है। जबकि उक्त जमीन का मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। इसके बाद भी नगर निगम ने इस जमीन को कैसे बेच दिया।
इसी बात के चलते मेयर शैलजा एवं निगम के एएमसी दीपक सूरा ने अपनी बात कही उन्होंने कहा एएमसी पर ऑफलाइन नक्शा पास करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि चार महीने से ऑनलाइन नक्शा का पोर्टल बंद है तो ऑफलाइन नक्शा पास करने की क्या जरूरत आ गई थी। एएमसी दीपक सूरा ने बताया कि इस जमीन की उन्होंने हाल ही की जमाबंदी निकलवाई है, जिसमें पंजाब वक्फ बोर्ड की जमीन दर्शाई गई है। इसमें कोई कमी नहीं है। सरकार के पत्र के अनुसार जब तक ऑनलाइन नक्शा पास करने का पोर्टल शुरू नहीं किया जाता है, तब तक ऑफलाइन नक्शे पास किए जा सकते हैं। इसी आधार पर नक्शा पास किया है। नक्शा पास करने के बाद इसे पोर्टल पर अपलोड भी कर दिया है। इस मामले में अगर मेरी तरफ से कोई गलत काम किया गया है तो कार्रवाई की जाए। अम्बाला के पालिका विहार के खसरा नंबर 319 का मामला राजनीतिक गलियारों से लेकर उच्च अधिकारियों तक पहुंच गया है अब इसमें आगामी कार्रवाई क्या होती है यह देखने वाली बात होगी।
इसी बात के चलते मेयर शैलजा एवं निगम के एएमसी दीपक सूरा ने अपनी बात कही उन्होंने कहा एएमसी पर ऑफलाइन नक्शा पास करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि चार महीने से ऑनलाइन नक्शा का पोर्टल बंद है तो ऑफलाइन नक्शा पास करने की क्या जरूरत आ गई थी। एएमसी दीपक सूरा ने बताया कि इस जमीन की उन्होंने हाल ही की जमाबंदी निकलवाई है, जिसमें पंजाब वक्फ बोर्ड की जमीन दर्शाई गई है। इसमें कोई कमी नहीं है। सरकार के पत्र के अनुसार जब तक ऑनलाइन नक्शा पास करने का पोर्टल शुरू नहीं किया जाता है, तब तक ऑफलाइन नक्शे पास किए जा सकते हैं। इसी आधार पर नक्शा पास किया है। नक्शा पास करने के बाद इसे पोर्टल पर अपलोड भी कर दिया है। इस मामले में अगर मेरी तरफ से कोई गलत काम किया गया है तो कार्रवाई की जाए। अम्बाला के पालिका विहार के खसरा नंबर 319 का मामला राजनीतिक गलियारों से लेकर उच्च अधिकारियों तक पहुंच गया है अब इसमें आगामी कार्रवाई क्या होती है यह देखने वाली बात होगी।



