Haryana

हरियाणा में गरीब कैदियों को मिलेगा न्याय: डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा – “राहत केवल कागज़ों तक नहीं, ज़रूरतमंदों तक पहुँचे”

चंडीगढ़, 24 जुलाई – हरियाणा सरकार ने गरीब और असहाय कैदियों को न्याय दिलाने की दिशा में एक करुणामय पहल करते हुए ‘गरीब कैदियों को सहायता’ योजना के त्वरित और प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश जारी किए हैं। इस योजना का उद्देश्य उन बंदियों को राहत पहुँचाना है जो केवल आर्थिक तंगी के कारण ज़मानत या जुर्माना नहीं भर पा रहे हैं और जेलों में सजा काट रहे हैं।

हरियाणा की अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह, जेल, आपराधिक जाँच एवं न्याय प्रशासन) डॉ. सुमिता मिश्रा ने राज्य के सभी उपायुक्तों, जिला मजिस्ट्रेटों और जेल अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि योजना को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ लागू किया जाए।

डॉ. मिश्रा ने केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा निर्धारित एसओपी के अनुरूप, प्रत्येक जिले में एक अधिकार प्राप्त समिति के गठन का आदेश दिया है। इस समिति में ज़िला मजिस्ट्रेट, ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव, पुलिस अधीक्षक, संबंधित जेल अधीक्षक/उपाधीक्षक, और प्रभारी न्यायाधीश शामिल होंगे। यह समिति पात्र कैदियों की पहचान करेगी और उन्हें वित्तीय सहायता मुहैया कराएगी।

हर समिति एक नोडल अधिकारी नियुक्त करेगी जो सामाजिक कार्यकर्ताओं, नागरिक समाज प्रतिनिधियों या जिला परिवीक्षा अधिकारी के साथ मिलकर योजना को ज़मीनी स्तर पर लागू करने में सहयोग करेगा। इस प्रक्रिया के तहत जेलों का दौरा, जागरूकता अभियान और लाभार्थियों की सूची बनाना अनिवार्य किया गया है।

डॉ. मिश्रा ने ज़ोर देकर कहा, “यह योजना सिर्फ एक प्रशासनिक औपचारिकता नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य न्याय को हर व्यक्ति तक पहुँचाना है, विशेषकर उन तक जो केवल गरीबी के कारण जेल में हैं।”

सभी उपायुक्तों को 15 दिनों के भीतर अनुपालन रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए हैं। हरियाणा की यह पहल न केवल राज्य के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए एक प्रेरणास्पद सामाजिक मॉडल बन सकती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button