हरियाणा में अपराधियों की नहीं चलेगी मनमानी, केवल कानून की चलेगी हुकूमत — मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का विधानसभा में सख्त ऐलान

चंडीगढ़, 26 अगस्त 2025 — हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विधानसभा में विपक्ष के स्थगन प्रस्ताव पर जोरदार बयान देते हुए कहा कि प्रदेश में अपराधों पर सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति पूरी तरह सफल साबित हो रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराधी चाहे कितने भी प्रभावशाली क्यों न हों, कानून की कठोर कार्रवाई से बच नहीं पाएंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 18 अक्टूबर 2024 को मंत्रिमंडल की पहली बैठक में उन्होंने ही स्पष्ट कर दिया था कि अपराधी या तो अपने रास्ते बदल लें या सरकार उन्हें सुधारने के लिए बाध्य करेगी। कानून की सर्वोच्चता स्थापित करने में कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
आंकड़ों में दिखा प्रभाव:
2014 में प्रदेश में 1106 हत्या के मामले दर्ज हुए थे, जबकि 2024 में यह संख्या घटकर 965 रह गई है, यानी हत्या की वारदातों में 12 प्रतिशत की कमी आई है।
1 जनवरी 2024 से अब तक पुलिस ने 110 मुठभेड़ों में 13 कुख्यात अपराधियों को ढेर किया और 157 को घायल किया है।
साइबर अपराधों में लगभग 75% मामलों का संचालन प्रदेश के बाहर से होता है, लेकिन पुलिस ने गैंगस्टर विदेशों में छिपने को मजबूर किए हैं। 2024 में 5 गैंगस्टरों को विदेश से गिरफ्तार किया गया।
महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष जोर:
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। कांग्रेस शासनकाल (2004-2014) में बलात्कार के मामले तीन गुना बढ़े थे। उस दौर में सिर्फ एक महिला थाना था, जबकि वर्तमान सरकार ने 33 महिला पुलिस थाने खोले हैं। ‘दुर्गा शक्ति’ ऐप, महिला हेल्पलाइन 1091 का डायल 112 के साथ एकीकरण, ‘दुर्गा शक्ति रैपिड एक्शन फोर्स’ और रोहतक में महिला पुलि
स ‘दुर्गा बटालियन’ जैसी पहल महिलाओं को सुरक्षा की मजबूत गारंटी देती हैं।
कठोर कार्रवाई के उदाहरण:
20 सितंबर 2024 को यमुनानगर में नाबालिग के साथ हुए दुष्कर्म और हत्या के मामले में आरोपी को 24 घंटे में गिरफ्तार कर 8 महीने में फांसी की सजा दिलाई गई।
‘अपना घर’ कांड जैसे जघन्य अपराधों में दोषियों को सजा दिलवाने में सरकार ने कोई ढिलाई नहीं बरती।
विपक्ष पर निशाना:
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस को असंवेदनशील सरकार बताया और पूछा कि क्या 2004-2014 के दौरान उन्होंने किसी बलात्कारी को फांसी की सजा दिलाई है? साथ ही कांग्रेस शासनकाल में पुलिस भ्रष्टाचार और दुराचार की लंबी फेहरिस्त का हवाला देते हुए विपक्ष को कठघरे में खड़ा किया।
सोशल मीडिया पर चिंता:
उन्होंने सोशल मीडिया पर अपराधियों और गैंगस्टरों के महिमामंडन की निंदा करते हुए कहा कि इससे युवाओं पर गलत प्रभाव पड़ता है और पुलिस की मेहनत पर ठेस लगती है। उन्होंने मीडिया से अपील की कि अपराधियों के नाम और फोटो प्रकाशित करने से परहेज करें।
मुख्यमंत्री का संदेश:
“हरियाणा में अब अपराधियों की हैसियत नहीं, केवल कानून की हुकूमत चलेगी। हम अपने प्रत्येक नागरिक और उनकी संपत्ति की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए सबका सहयोग जरूरी है।”



