हिसार: CMC अस्पताल की महिला डॉक्टर से 3.83 लाख की ऑनलाइन ठगी, बुल मार्केट ट्रेडिंग के नाम पर फंसाया
हिसार: CMC अस्पताल की महिला डॉक्टर से 3.83 लाख की ऑनलाइन ठगी, बुल मार्केट ट्रेडिंग के नाम पर फंसाया
हिसार: हरियाणा के हिसार जिले में एक महिला डॉक्टर साइबर ठगी की शिकार हो गईं। CMC अस्पताल में कंसल्टेंट फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. स्वाति सहगल से बुल मार्केट ट्रेडिंग के नाम पर 3,83,152 रुपये ठग लिए गए।
इंस्टाग्राम पर आया विज्ञापन, डेढ़ करोड़ कमाने का झांसा
महिला डॉक्टर ने इंस्टाग्राम पर एक ट्रेंडिंग विज्ञापन देखा, जिसमें 21 हजार रुपये लगाने पर डेढ़ महीने में डेढ़ करोड़ रुपये कमाने का दावा किया गया था। इस लालच में आकर डॉ. स्वाति ने निवेश किया, लेकिन कुछ ही दिनों में उन्हें एहसास हुआ कि उनके साथ ठगी हो गई है।
कैसे हुआ फ्रॉड?
- पहली छोटी राशि निवेश कराई – ठगों ने डॉक्टर को टेलिग्राम ग्रुप में जोड़ा और ट्रेडिंग के नाम पर पैसे जमा करवाने लगे।
- 7 बार अलग-अलग खातों में पैसे डलवाए –
- 10 दिसंबर 2024: ₹17,991 कोटक महिंद्रा बैंक में जमा
- 30 दिसंबर 2024: ₹18,129 कैनरा बैंक में जमा
- 6 जनवरी 2025: ₹18,151 कैनरा बैंक में जमा
- 8 जनवरी 2025: ₹90,874 कोटक महिंद्रा बैंक में जमा
- 18 जनवरी 2025: ₹85,370 कोटक महिंद्रा बैंक में जमा
- 20 जनवरी 2025: ₹85,000 कोटक महिंद्रा बैंक में जमा
- 20 जनवरी 2025: ₹80,216 कैनरा बैंक में जमा
- बैलेंस हुआ जीरो, हुआ अहसास कि ठगी हो गई – 24 जनवरी को ठगों ने डॉ. स्वाति से 27,000 रुपये और मांग लिए और धमकी दी कि यदि और पैसे नहीं डाले, तो उनका सारा पैसा डूब जाएगा। उसी दिन डॉक्टर ने जब अपनी ट्रेडिंग आईडी चेक की तो बैलेंस जीरो दिखा।
- सिर्फ 12,579 रुपये का रिटर्न मिला – कुल ₹3,95,731 निवेश करने के बावजूद महज ₹12,579 रुपये का प्रोफिट मिला।
पति ने की साइबर पोर्टल पर शिकायत, पुलिस जांच में जुटी
महिला डॉक्टर के पति रजत सहगल ने 5 फरवरी को साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद साइबर थाना पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
पुलिस अब ठगों के बैंक खातों और टेलिग्राम ग्रुप की जांच कर रही है और जल्द ही आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई करने का दावा कर रही है।
साइबर पुलिस की अपील: लालच से बचें, ऑनलाइन निवेश से पहले जांच करें
साइबर पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने और ऐसे ऑनलाइन विज्ञापनों के झांसे में न आने की अपील की है। यदि कोई व्यक्ति फर्जी निवेश योजनाओं के बारे में कोई जानकारी रखता है, तो तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराए।



