अमेरिका से हथकड़ी-बेड़ियों में लाए गए 104 भारतीयों पर सियासत गर्म, कांग्रेस ने केंद्र सरकार को घेरा
अमेरिका से हथकड़ी-बेड़ियों में लाए गए 104 भारतीयों पर सियासत गर्म, कांग्रेस ने केंद्र सरकार को घेरा
नई दिल्ली/चंडीगढ़: अमेरिका से डिपोर्ट कर लाए गए 104 भारतीयों को हथकड़ी और बेड़ियों में जकड़े जाने के मामले ने देश की राजनीति को गर्मा दिया है। कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला है। चंडीगढ़ के सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
उन्होंने कहा, “मुझे समझ में नहीं आता कि भारत के विदेश मंत्री भारत के मंत्री हैं या ट्रंप सरकार के प्रवक्ता। जिस तरह से लोकसभा और राज्यसभा में उनका बयान आया, उसमें कहीं भी इस अमानवीय व्यवहार की निंदा नहीं की गई।”
कांग्रेस का केंद्र पर हमला
मनीष तिवारी ने कहा कि अमेरिका ने जिन भारतीयों को डिपोर्ट किया, वे अपराधी नहीं थे, बल्कि अवैध तरीके से विदेश गए थे क्योंकि उन्हें भारत में बेहतर अवसर नहीं मिले। उन्होंने इस मामले की तुलना भारत की आजादी के समय स्वतंत्रता सेनानियों को काला पानी भेजे जाने से की।
“हथकड़ी और बेड़ियों में जकड़कर भारतीयों को भेजना बेहद निंदनीय है। अमेरिका सरकार ने औपचारिक वीडियो जारी कर इसका प्रदर्शन भी किया, जो और भी शर्मनाक है। इन लोगों को 40 घंटे तक न खाना मिला, न पानी, न ही शौचालय की सुविधा।”
AAP ने भी साधा निशाना
आम आदमी पार्टी (AAP) ने इस घटना पर सवाल उठाते हुए कहा कि अमृतसर में विमान को उतरवाकर पंजाब को बदनाम करने की साजिश की गई।
भारत सरकार की चुप्पी पर सवाल
मनीष तिवारी ने सवाल उठाया कि भारत सरकार अब तक यह स्पष्ट नहीं कर पाई है कि क्या अमेरिका ने वहां के कानून के तहत डिपोर्टेशन की प्रक्रिया अपनाई थी या नहीं।
अब यह मुद्दा संसद से लेकर सड़कों तक गरमाने वाला है। विपक्ष ने केंद्र सरकार से इस पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की है।



