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IPL में ‘कछुआ छाप’ बल्लेबाजी पर बवाल,बदल चुका है टी20 क्रिकेट का पूरा गणित

क्या धीमी पारियां खेलकर टीम इंडिया में जगह बना पाएंगे साई सुदर्शन और शुभमन गिल?

Asheesh srivastava

दुनिया का टी20 क्रिकेट अब पूरी तरह बदल चुका है। ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, वेस्टइंडीज और दक्षिण अफ्रीका जैसी टीमें अब एंकर बल्लेबाजों की बजाय विस्फोटक ओपनरों पर भरोसा जता रही हैं। पावरप्ले से ही मैच का रुख बदलने वाली बल्लेबाजी आधुनिक टी20 की सबसे बड़ी जरूरत बन चुकी है। ऐसे में आईपीएल 2026 में साई सुदर्शन और वाशिंगटन सुंदर की धीमी पारियों ने नई बहस छेड़ दी है।
एंकर रोल’ अब टीम पर बोझ?
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि टी20 में लंबे समय तक टिककर धीमे रन बनाना अब टीम के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। हाल ही में टी20 वर्ल्ड कप में वेस्टइंडीज के साई होप की धीमी बल्लेबाजी भी टीम पर भारी पड़ी थी। भारतीय क्रिकेट में भी अब उसी तरह की बल्लेबाजी शैली को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
साई सुदर्शन की शैली पर सबसे ज्यादा चर्चा
आईपीएल में रन बनाने के बावजूद साई सुदर्शन की बल्लेबाजी शैली को लेकर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि उनकी पारियां टीम को तेज शुरुआत देने की बजाय मैच को धीमा कर देती हैं। यही वजह है कि टी20 फॉर्मेट में उनकी उपयोगिता पर बहस तेज हो गई है।
शुभमन गिल बदल रहे अपना खेल
शुभमन गिल को लेकर माना जा रहा है कि उन्होंने अपने खेल में बदलाव शुरू कर दिया है। पिछले कुछ समय में गिल ने स्ट्राइक रेट बढ़ाने और आक्रामक बल्लेबाजी पर ज्यादा फोकस किया है। क्रिकेट पंडितों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय टी20 में टिके रहने के लिए यह बदलाव बेहद जरूरी है।
वाशिंगटन सुंदर को मिलेगा ऑलराउंडर का फायदा
वाशिंगटन सुंदर की बल्लेबाजी भले सवालों में हो, लेकिन उनकी गेंदबाजी उन्हें टीम इंडिया में मजबूत दावेदार बनाए रख सकती है। ऑलराउंडर होने का फायदा उन्हें लगातार मिलता रहा है और आगे भी मिल सकता है।
युवा ओपनरों की दस्तक ने बढ़ाई टेंशन
टीम इंडिया में ओपनिंग स्लॉट के लिए अब जबरदस्त प्रतिस्पर्धा दिखाई दे रही है। यशस्वी जायसवाल, प्रभसिमरन सिंह, प्रियांश आर्या और वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा बल्लेबाज तेज स्ट्राइक रेट और आक्रामक अंदाज से चयनकर्ताओं का ध्यान खींच रहे हैं। ऐसे में पारंपरिक शैली वाले बल्लेबाजों के लिए राह आसान नहीं दिख रही।
टी20 में अब सिर्फ रन नहीं, रफ्तार भी जरूरी
क्रिकेट एक्सपर्ट्स साफ मानते हैं कि अब टी20 में सिर्फ रन बनाना काफी नहीं है, बल्कि कितनी तेजी से रन बनाए जा रहे हैं, यही सबसे बड़ा पैमाना बन चुका है। आने वाले समय में टीम इंडिया उन्हीं खिलाड़ियों को प्राथमिकता दे सकती है जो शुरुआत से ही मैच का मोमेंटम बदलने की क्षमता रखते हों।

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