हरियाणा में सात साल बाद बिजली दरों में संशोधन, अप्रैल 2025 से लागू होंगे नए टैरिफ

चंडीगढ़, 30 जून | हरियाणा में सात साल के लंबे अंतराल के बाद बिजली दरों में संशोधन किया गया है, जो अप्रैल 2025 से लागू होगा। हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (HERC) ने 28 मार्च 2025 को बिजली दरों से संबंधित आदेश जारी किया। यह कदम बढ़ती बिजली खरीद लागत और परिचालन खर्चों के मद्देनज़र उठाया गया है, जबकि अब तक उपभोक्ताओं को बढ़ी हुई दक्षता और वित्तीय अनुशासन के चलते राहत मिलती रही थी।
बिजली टैरिफ में यह बदलाव घरेलू उपभोक्ताओं के लिए राहत और चुनौतियों दोनों के संकेत दे रहा है। श्रेणी-I (2 किलोवाट तक लोड और 100 यूनिट मासिक खपत) के उपभोक्ताओं को सबसे अधिक राहत मिली है। इनके मासिक बिलों में 49% से 75% तक की कमी दर्ज की गई है, जबकि न्यूनतम मासिक शुल्क (MMC) को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है।
वहीं, श्रेणी-II (5 किलोवाट तक लोड) के उपभोक्ताओं के बिलों में वित्तीय वर्ष 2024-25 की तुलना में केवल 3% से 9% की मामूली वृद्धि हुई है। श्रेणी-III (5 किलोवाट से अधिक लोड) में यह वृद्धि 5% से 7% तक रही है।
गौरतलब है कि हरियाणा में पिछले एक दशक में एटी एंड सी लॉसेस 29% से घटकर 10% तक लाए गए हैं, जो राज्य की ऊर्जा प्रबंधन नीतियों की सफलता को दर्शाता है। नए टैरिफ के तहत निश्चित शुल्क 0 से 75 रुपये/किलोवाट और अधिकतम यूनिट दर 7.50 रुपये/यूनिट पर बनाए रखी गई है, जो पड़ोसी राज्यों की तुलना में कम है।



