लोकसभा में अमित शाह का कड़ा संदेश: ‘हथियार उठाने वालों को नहीं मिलेगी कोई राहत’

लोकसभा में वामपंथी उग्रवाद पर चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश में हिंसा का रास्ता अपनाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि यह PM Narendra Modi के नेतृत्व वाली सरकार है और जो भी हथियार उठाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
‘रेड कॉरिडोर’ में आई कमी का दावा
गृह मंत्री अमित शाह ने अपने संबोधन में बताया कि पहले जिन इलाकों को ‘रेड कॉरिडोर’ कहा जाता था, वहां नक्सलवाद का व्यापक प्रभाव था। उन्होंने कहा कि पहले करीब 12 राज्यों के बड़े हिस्से इस समस्या से प्रभावित थे, लेकिन अब सुरक्षा अभियानों और विकास कार्यों के चलते इन क्षेत्रों में स्थिति काफी सुधरी है और उग्रवाद तेजी से सिमट रहा है।
बस्तर में विकास को मिली रफ्तार
अमित शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में नक्सल गतिविधियां अब लगभग खत्म होने की ओर हैं। उन्होंने बताया कि वहां गांव स्तर तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं, जैसे स्कूलों का निर्माण और सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन की दुकानों का विस्तार। इससे स्थानीय लोगों को सीधा लाभ मिल रहा है।
कांग्रेस पर तीखा हमला
गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि दशकों तक सत्ता में रहने के बावजूद आदिवासी इलाकों का अपेक्षित विकास नहीं हो पाया। उन्होंने सवाल उठाया कि इतने लंबे समय में शिक्षा, बैंकिंग और बुनियादी ढांचे जैसी सुविधाएं क्यों नहीं पहुंचाई गईं।
सरकारी योजनाओं का किया जिक्र
उन्होंने कहा कि 2014 के बाद केंद्र सरकार ने गरीब और वंचित वर्गों के लिए कई योजनाएं लागू कीं। इनमें आवास, रसोई गैस, स्वच्छ पेयजल, पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा और मुफ्त राशन जैसी सुविधाएं शामिल हैं। उन्होंने दावा किया कि पहले नक्सल प्रभाव के कारण ये योजनाएं दूर-दराज के क्षेत्रों तक नहीं पहुंच पाती थीं, लेकिन अब हालात बदल रहे हैं।
विपक्ष को दी नसीहत
अमित शाह ने विपक्ष से कहा कि वे सरकार पर सवाल उठाने से पहले अपने कार्यकाल का आकलन करें। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व सरकारों ने आदिवासी क्षेत्रों के समग्र विकास की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए।



