हरियाणा में बिजली दरों को लेकर अनिल विज का स्पष्ट बयान: “कभी नहीं कहा कि बिजली मुफ्त देंगे”

चंडीगढ़। हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी को लेकर विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया, “हमने कभी नहीं कहा कि हम बिजली मुफ्त में देंगे। विपक्ष जानबूझकर जनता को गुमराह कर रहा है।”
विज ने कहा कि बीते दस वर्षों में महंगाई में जबरदस्त इजाफा हुआ है और बिजली उत्पादन की लागत हर स्तर पर बढ़ी है—चाहे वह कोयला हो, ट्रांसपोर्ट हो या अन्य संसाधन। इसके बावजूद, हरियाणा सरकार ने बिजली दरों को लंबे समय तक स्थिर रखा और अब सात साल बाद मामूली बढ़ोतरी की गई है।
उन्होंने बताया कि 2 किलोवाट तक के घरेलू उपभोक्ताओं के मासिक बिल में 2014-15 की तुलना में 49% से 75% तक की कमी दर्ज की गई है। वहीं, 94% उपभोक्ता श्रेणी-I और II में आते हैं, जिनमें से अधिकांश के बिलों में राहत मिली है।
कृषि उपभोक्ताओं के लिए भी पुरानी दरें बरकरार हैं। मीटर्ड कनेक्शन पर 10 पैसे प्रति यूनिट और फ्लैट रेट पर ₹15/बीएचपी/माह ही वसूले जा रहे हैं।
विज ने कहा, “हरियाणा की दरें अब भी पड़ोसी राज्यों से सस्ती हैं। जहां अन्य राज्यों में फिक्स्ड चार्ज ₹110/किलोवाट तक और दरें ₹8/यूनिट तक पहुंच चुकी हैं, वहीं हरियाणा में अधिकतम ₹7.50/यूनिट तक सीमित हैं।”
विज ने विपक्ष को सलाह दी कि वह जनता को गुमराह करने के बजाय तथ्यात्मक राजनीति करें।



