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Haryana News : हरियाणा में ‘कर हितैषी’ ऐप लॉन्च, आबकारी विभाग की 6 सेवाएं ऑनलाइन

Haryana News : हरियाणा सरकार ने डिजिटल कर प्रशासन को नई दिशा देते हुए सोमवार को दो महत्वपूर्ण पहलें शुरू कीं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आबकारी एवं कराधान विभाग द्वारा विकसित ‘कर हितैषी’ मोबाइल एप्लिकेशन और छह नई ऑनलाइन आबकारी सेवाओं का औपचारिक शुभारंभ किया। इन पहलों का उद्देश्य राज्य में कर पारदर्शिता बढ़ाना, जीएसटी अनुपालन मजबूत करना और व्यापारिक प्रक्रियाओं को पूर्णतः डिजिटल तथा सरल बनाना है।

‘कर हितैषी’ ऐप: GST चोरी की रिपोर्टिंग अब आसान और गोपनीय

मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘कर हितैषी’ मोबाइल एप्लिकेशन कर प्रशासन की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। यह ऐप आम नागरिकों को निम्न अनियमितताओं की रिपोर्ट करने की सुविधा देता है। फर्जी बिलिंग,अवैध इनपुट टैक्स क्रेडिट,बिना पंजीकरण कारोबार,बिल जारी न करना,लेन-देन छिपाना, नागरिक फोटो, वीडियो और दस्तावेज अपलोड कर शिकायत दर्ज कर सकते हैं, जबकि ऐप यह सुनिश्चित करता है कि शिकायतकर्ता की पहचान फील्ड अधिकारियों के सामने गुप्त रहे। विभागीय अधिकारी प्राप्त शिकायतों पर आवश्यक जांच और कार्रवाई करेंगे।

CM सैनी ने कहा कि इस ऐप से स्वैच्छिक रिपोर्टिंग को बढ़ावा मिलेगा, GST प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ेगी और राजस्व में और सुधार होगा।

6 ऑनलाइन आबकारी सेवाओं का शुभारंभ

मुख्यमंत्री ने विभाग की 6 महत्वपूर्ण सेवाओं को ऑनलाइन करने की घोषणा भी की। ये सेवाएँ निम्न अथवा संबंधित प्रक्रियाओं को डिजिटल बनाती हैं: एथेनॉल आयात/निर्यात अनुमति,अतिरिक्त अल्कोहल (ENA) आयात/निर्यात अनुमति,डिनेचर्ड स्प्रिट आयात/निर्यात अनुमति अब व्यापारिक इकाइयाँ इन सेवाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगी, आवेदन की स्थिति ट्रैक कर सकेंगी और डिजिटल हस्ताक्षरित परमिट डाउनलोड कर सकेंगी। इससे विभागीय लाइसेंसिंग प्रक्रिया तेज़, पारदर्शी और accountable होगी।

हरियाणा की रिकॉर्ड GST वृद्धि: राष्ट्रीय औसत से तीन गुना अधिक

बैठक में आबकारी एवं कराधान विभाग की शाखाओं, राजस्व स्थिति और डिजिटल सुधारों की प्रगति पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई।

मुख्य बिंदु:

हरियाणा ने नेट SGST संग्रह में 21% वृद्धि दर्ज की, जबकि राष्ट्रीय औसत केवल 6% रहा।

नवंबर 2025 में 3,835 करोड़ SGST, जो पिछले वर्ष की तुलना में 17% अधिक है।

चालू वित्त वर्ष (नवंबर 2025 तक) कुल GST संग्रह 83,606 करोड़, जो पिछले वर्ष से 7% अधिक है।

राज्य की GST वृद्धि दर राष्ट्रीय औसत 5.8% से बेहतर रही।

राजस्व वृद्धि के आधार पर हरियाणा की राष्ट्रीय रैंकिंग सुधारकर चौथे स्थान पर पहुंच गई है।

अधिकारियों ने बताया कि हरियाणा में कुल 6,03,389 GST पंजीकृत करदाता हैं और 2018–2025 के बीच पंजीकरण में 6.11% की वार्षिक वृद्धि हुई है।

VAT और CST में भी रिकॉर्ड सुधार

बैठक में VAT और CST संग्रह की समीक्षा भी की गई। हरियाणा में VAT निम्न 6 वस्तुओं पर लगाया जाता है ,पेट्रोल,डीजल,शराब,PAG,CNG,CST वस्तुएं
वर्ष 2025-26 में नवंबर तक VAT वसूली में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई, जिसमें वन टाइम सेटलमेंट (OTS) स्कीम–2025 का बड़ा योगदान रहा। OTS के खत्म होने के बाद विभाग ने विशेष वसूली अभियान चलाया और अक्तूबर–नवंबर 2025 में 48.12 करोड़ रुपये की वसूली की।

आबकारी राजस्व में भी मजबूत सुधार

रिपोर्ट के अनुसार 30 नवंबर 2025 तक आबकारी राजस्व: 9,370.28 करोड़ रुपये। पिछले वर्ष इसी अवधि में: 8,629.46 करोड़ रुपये यानी आबकारी क्षेत्र में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। अधिकारियों ने जिलावार लाइसेंस शुल्क, आबकारी शुल्क, बॉटलिंग शुल्क, परमिट शुल्क, आयात शुल्क व अन्य मदों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।

बैठक के दौरान CM सैनी ने स्पष्ट कहा कि सरकार का उद्देश्य पारदर्शी, डिजिटल और जवाबदेह कर प्रशासन स्थापित करना है। नई तकनीकी पहलों से करदाताओं और आम जनता दोनों को लाभ होगा।

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