सपा पार्षद को शपथ न दिलाने पर हाईकोर्ट सख्त, लखनऊ मेयर के अधिकार फ्रीज
डीएम और नगर आयुक्त संभालेंगे नगर निगम का काम, कोर्ट ने मेयर पर लगाई रोक
Asheesh srivastava
लखनऊ में समाजवादी पार्टी के पार्षद को शपथ न दिलाने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने बड़ा और सख्त फैसला सुनाया है। गुरुवार को कोर्ट ने भाजपा की मेयर सुषमा खर्कवाल के सभी वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार तत्काल प्रभाव से फ्रीज कर दिए।
हाईकोर्ट का बड़ा फैसला
जस्टिस आलोक माथुर और जस्टिस कमर हसन रिजवी की खंडपीठ ने स्पष्ट कहा कि जब तक सपा पार्षद को शपथ नहीं दिलाई जाती, तब तक मेयर कोई वित्तीय निर्णय नहीं लेंगी और न ही किसी कर्मचारी के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई कर सकेंगी।
कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि फिलहाल नगर निगम से जुड़े सभी प्रशासनिक और वित्तीय कार्य डीएम और नगर आयुक्त की निगरानी में संचालित किए जाएंगे।


मेयर के अधिकार किए गए फ्रीज
पूरा मामला लखनऊ के वार्ड संख्या-73 फैजुल्लागंज से जुड़ा है। सेशन कोर्ट ने 19 दिसंबर 2025 को समाजवादी पार्टी के ललित किशोर तिवारी को निर्वाचित पार्षद घोषित किया था, जबकि भाजपा प्रत्याशी प्रदीप कुमार शुक्ला का निर्वाचन रद्द कर दिया गया था। इसके बावजूद करीब पांच महीने बीत जाने के बाद भी उन्हें शपथ नहीं दिलाई गई।
हाईकोर्ट ने इस देरी को गंभीर मानते हुए कड़ा रुख अपनाया है। राजनीतिक गलियारों में इस फैसले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं और इसे नगर निगम प्रशासन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।



