मेरठ में मेडिकल अस्पताल के ठीक सामने भ्रूण लिंग परीक्षण का अवैध धंधा
मेरठ में मेडिकल अस्पताल के ठीक सामने भ्रूण लिंग परीक्षण का अवैध धंधा चल रहा था। यहां अल्ट्रासाउंड सेंटर में जांचों के नाम पर गर्भस्थ शिशु का लिंग परीक्षण किया जाता रहा और स्थानीय पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को कानोंकान खबर नहीं लगी। कभी भी मेरठ स्वास्थ्
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सबसे पहले सेंटर पर छापेमारी का प्लान पढ़िए..
डॉ. छवि बंसल सेंटर संचालिका
मेरठ के ग्लोबल डायगनोस्टिक सेंटर में लिंग परीक्षण की शिकायत काफी दिनों से हरियाणा पीसीपीएनडीटी को मिल रही थी। टीम काफी दिनों से यहां नजर रखे थी और छापेमारी की ताक में थी। मंगलवार को टीम अपने साथ एक महिला मरीज लेकर आई। जिसकी बात अनिल नामक एजेंट जो ग्लोबल डायग्नोस्टिक के लिए काम करता है उससे कराई। अनिल भ्रूण लिंग परीक्षण अल्ट्रासाउंड कराने के लिए तैयार हो गया। उसने अल्ट्रासाउंड की फीस 700 रुपए बताई। छापेमारी टीम ने पहले ही महिला को सीरीज वाले 2 नोट दिए थे जो उसे फीस के तौर पर अल्ट्रासाउंड सेंटर पर पेमेंट करने थे। इसके बाद अनिल अपने दो और साथी हेमेंद्र और पवन के साथ मरीज को लेकर डॉ. छवि बंसल के ग्लोबल डायग्नोस्टिक सेंटर लाया। यहां टीम मेंबर का अल्ट्रासाउंड हुआ उसने वही 500-500 के 2 नोट पे किए जो सेम सीरीज के थे। फीस देकर महिला बाहर निकली तो उसे कहा गया कि रिपोर्ट ओके है, ये इशारा था कि गर्भ में लड़का है। इतना सुनते ही दूर खड़ी छापेमारी की टीम सेंटर में अंदर आती है और सेम सीरीज के नोटों के आधार पर सेंटर में छापा मारकर जांच करती है। मौके से तीनो ंएजेंट और डॉक्टर को अरेस्ट करती है। रेड डालने आई टीम के ऑफिसर की बात पढ़िए..

डॉ. विश्वजीत राठी पीसीपीएनडीटी नोडल अफसर रोहतक
डॉ. विश्वजीत राठी पीसीपीएनडीटी नोडल अफसर रोहतक ने बताया कि ग्लोबल डायग्नोस्टिक सेंटर मेडिकल अस्पताल के सामने मेरठ में छापेमारी की है। हमारी टीम को सूचना मिली थी कि यहां मेरठ मेडिकल अस्पताल के सामने ग्लोब्ल डायग्नोस्टिक सेंटर में भ्रूणलिंग की जांच होती है। अनिल नामक किसी एजेंट से संपर्क किया गया था। उन्होंने कहा कि हम लिंग परीक्षण करा देंगे, दोपहर 1 बजे मंगलवार को मेरठ में आ जाना। पूरी प्लानिंग के साथ हमारी टीम यहां पहुंची। अनिल के साथ हमारी पैसों की डील हुई। अनिल के साथ पवन और हेमेंद्र भी जुड़े मिले। हेमेंद्र और पवन हमारे मरीज को लेकर ग्लोबल डायग्नोसिटक सेंटर में अंदर लेकर गए, उसका अल्ट्रासाउंड कराया। जांच कराकर बाहर निकले तो टीम ने उन एजेंटों को पकड़ा।

तस्वीर में पकड़े गए एजेंट पंकज और हरेंदर हैं
बताया कि गुप्त सूचना हमें लंबे समय से मिल रहे थे, काफी समय से हम ये छापेमारी करने की तैयारी में थी। आज की है। आज हमने यहां से 3 एजेंट और डॉ. छवि को पकड़ा है। अल्ट्रासाउंड सेंटर से बाहर निकलकर एजेंट ने कहा कि आपकी भ्रूण लिंग जांच हो गई, उसने लड़का-लड़की नहीं बल्कि इशारे में कहा कि रिपोर्ट सही है आपकी, ये कहना ही इशारा है कि गर्भ में पल रहा बच्चा लड़का है। अब मेरठ के हेल्थ ऑफिसर की बात पढ़िए..

महेश चंद्रा नोडल पीसीपीएनडीटी मेरठ
महेश चंद्रा नोडल पीसीपीएनडीटी सीएमओ कार्यालय मेरठ कहा कि रोहतक की टीम यहां छापेमारी के लिए आ रही है इसकी मुझे सूचना मिली थी। उसके तहत मैं उस टीम को फॉलो करने के लिए यहां ग्लोबल अल्ट्रासाउंड सेंटर पर पर पहुंचा। यहां रोहतक की टीम के साथ मेरी मुलाकात हुई। कहा कि मैंने देखा कि हरियाणा की टीम यहां तीन लोगों से पूछताछ कर रही थी। टीम ने अल्ट्रासाउंड सेंटर में छापेमारी की साथ ही वो नोट भी बरामद किए जो टीम द्वारा दिए गए। कबसे यहां क्या चल रहा था उसको अभी नहीं बता सकते।
पकड़ा गया एजेंट बोला रिपोर्ट ओके

पकड़ा गया एजेंट अनिल ने बताई पूरी बात
पकड़े गए एजेंट ने बताया कि उसे ये लोग काली नदी पर मिले थे, मैं उनको लेकर अल्ट्रासाउंड सेंटर पर आया, तब मैडम ने उनको चैक किया और बताया कि रिपोर्ट ठीक है। लड़का है लड़की है ऐसा कुछ नहीं था। पीड़ित पक्ष के वकील ने लगाए षड्यंत्र के आरोप वहीं पीड़ित डॉक्टर पक्ष के वकील डॉ. रामकुमार शर्मा ने कहा कि लिंग परीक्षण का कहीं कोई एविडेंस नहीं है ये टीम भी प्राइवेट गाड़ी से यहां रेड डालने आई है। भ्रूण परीक्षण कराना भी अपराध है। सेंटर पर ऐसे कोई भी सुबूत नहीं मिले हैं जो ये बताते हों यहां भ्रूण लिंग परीक्षण होता है या हुआ है। ये षड्यंत्र के तहत डॉक्टर को फंसाने के लिए किया गया है।



