चंडीगढ़ में केंद्र सरकार और किसान संगठनों के बीच अहम बैठक, MSP की गारंटी मुख्य मुद्दा

चंडीगढ़, 22 फरवरी: किसानों के मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार और किसान संगठनों के बीच आज चंडीगढ़ में एक महत्वपूर्ण बैठक हो रही है। इस बैठक में किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल समेत कई प्रमुख किसान नेता शामिल हो रहे हैं। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी बैठक में उपस्थित रहेंगे और किसानों के साथ बातचीत करेंगे।
शक्ति प्रदर्शन और श्रद्धांजलि कार्यक्रम
बैठक से पहले, शुक्रवार को किसानों ने शंभू और खनौरी में शक्ति प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन खासतौर पर पिछले साल दिल्ली कूच के दौरान मारे गए शुभकरण की बरसी के अवसर पर किया गया। किसानों ने कैंडल मार्च निकालकर शुभकरण को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान किसान नेता डल्लेवाल ने आरोप लगाया कि शुभकरण की मौत के लिए जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई, बल्कि उन्हें राष्ट्रपति अवार्ड से सम्मानित करने की सिफारिश की गई थी, जिसे बाद में वापस ले लिया गया।
MSP की गारंटी की मांग
किसान संगठन लंबे समय से सभी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी की मांग कर रहे हैं। शुक्रवार को श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने चेतावनी दी कि अगर आज की बैठक में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो 25 फरवरी को किसान फिर से शंभू बॉर्डर से हरियाणा की ओर पैदल कूच करेंगे।
सरकार की प्रतिक्रिया और किसानों का असंतोष
पिछले हफ्ते हुई बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने मीडिया को बताया था कि बातचीत सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई थी। हालांकि, किसान संगठनों ने सरकार के इस दावे पर सवाल उठाए हैं कि पिछले 10 वर्षों में MSP पर फसलों की खरीद में वृद्धि हुई है। किसानों का कहना है कि मोदी सरकार के कार्यकाल में फसलों के दाम में मात्र 57% वृद्धि हुई है, जबकि महंगाई दर 59% बढ़ी है।
क्या होगा आगे?
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आज की बैठक में क्या नतीजे निकलते हैं। किसान संगठनों ने साफ कर दिया है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। दूसरी ओर, केंद्र सरकार को उम्मीद है कि बातचीत के जरिए समाधान निकाला जा सकेगा।
चंडीगढ़ में हो रही इस बैठक का राजनीतिक और आर्थिक दृष्टि से विशेष महत्व है। यह तय करेगा कि किसानों का आंदोलन किस दिशा में जाएगा और क्या सरकार के साथ उनकी बातचीत में कोई ठोस समाधान निकल पाएगा या नहीं।



