ललित मोदी के भारत प्रत्यर्पण पर बढ़ी मुश्किलें, वनुआतु की नागरिकता हासिल कर बना विदेशी नागरिक

ललित मोदी के भारत प्रत्यर्पण पर बढ़ी मुश्किलें, वनुआतु की नागरिकता हासिल कर बना विदेशी नागरिक
नई दिल्ली: आईपीएल के पूर्व चेयरमैन और भारत के भगोड़े कारोबारी ललित मोदी ने अब प्रशांत महासागर के छोटे से देश “वनुआतु” की नागरिकता हासिल कर ली है। 12 साल से भारत से फरार चल रहे ललित मोदी के इस कदम से अब उनके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया और जटिल हो सकती है।
अब भारत लाना हुआ मुश्किल
ललित मोदी पर मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार जैसे गंभीर आरोप हैं। भारत सरकार लंबे समय से उनके प्रत्यर्पण की कोशिश कर रही थी, लेकिन अब वनुआतु की नागरिकता लेने के बाद भारत के लिए उन्हें वापस लाना और चुनौतीपूर्ण हो गया है।
क्यों चुना वनुआतु?
वनुआतु एक छोटा सा द्वीपीय देश है, जो अपने लचीले नागरिकता कानूनों के लिए जाना जाता है। यहां कुछ ही महीनों में मोटी रकम देकर “गोल्डन वीजा” हासिल किया जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ललित मोदी ने भारत में कानूनी कार्रवाइयों से बचने के लिए यह कदम उठाया है।
क्या होगा भारत सरकार का अगला कदम?
अब ललित मोदी का भारत प्रत्यर्पण केवल भारत और वनुआतु के बीच हुए समझौतों और कूटनीतिक प्रयासों पर निर्भर करेगा। फिलहाल, भारत सरकार इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कानूनी विकल्प तलाश सकती है।
ललित मोदी पर लगे आरोप:
- आईपीएल घोटाला: 2008 में शुरू हुए आईपीएल में वित्तीय अनियमितताओं का आरोप।
- मनी लॉन्ड्रिंग: 2010 में बीसीसीआई द्वारा बर्खास्त किए जाने के बाद आर्थिक अपराध का मामला दर्ज।
- फेमा उल्लंघन: प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा विदेशी मुद्रा नियमों के उल्लंघन का मामला।
अब देखना होगा कि भारत सरकार ललित मोदी को वापस लाने के लिए कौन सा नया कानूनी और कूटनीतिक दांव आजमाती है। लेकिन फिलहाल, वनुआतु की नागरिकता लेने के बाद उनका प्रत्यर्पण बेहद कठिन नजर आ रहा है।