मोदी की Natural Farming नीति से हिला Fertiliser Sector, शेयरों में बिकवाली से बढ़ी निवेशकों की चिंता
केमिकल फर्टिलाइजर घटाने के संदेश का बाजार पर दिखा सीधा असर
Asheesh srivastava
प्रधानमंत्री Narendra Modi की ओर से देश में chemical fertilisers का इस्तेमाल 50% तक कम करने और natural farming को बड़े स्तर पर अपनाने की अपील का असर सोमवार को सीधे शेयर बाजार में देखने को मिला। Fertiliser sector के कई बड़े शेयर दबाव में आ गए और निवेशकों ने इस उद्योग के भविष्य को लेकर नई रणनीति बनानी शुरू कर दी।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले वर्षों में natural farming को सरकार का और मजबूत समर्थन मिलता है, तो traditional fertiliser कंपनियों की growth पर असर पड़ सकता है। यही वजह रही कि निवेशकों ने sector में सतर्कता दिखानी शुरू कर दी।
Coromandel से लेकर Deepak Fertilisers तक शेयरों में गिरावट
सोमवार के कारोबार में fertiliser कंपनियों के शेयरों में 0.5% से 2.8% तक की गिरावट दर्ज की गई।
Coromandel International, FACT, RCF और Deepak Fertilisers जैसे प्रमुख शेयरों में बिकवाली का दबाव देखने को मिला।
विशेषज्ञों के मुताबिक बाजार अब यह समझने की कोशिश कर रहा है कि भारत में खेती का मॉडल धीरे-धीरे किस दिशा में आगे बढ़ेगा।
West Asia तनाव ने बढ़ाई Sector की मुश्किलें
Fertiliser sector पहले से ही global supply chain पर काफी निर्भर माना जाता है। ऐसे में West Asia में बढ़ते geopolitical tension ने भी चिंता बढ़ा दी है।
दुनिया की करीब 33% fertiliser shipments, जिनमें urea और sulphur जैसी जरूरी सामग्री शामिल है, Strait of Hormuz से होकर गुजरती हैं। अगर इस क्षेत्र में तनाव बढ़ता है तो shipping cost, raw material supply और fertiliser availability पर बड़ा असर पड़ सकता है।
इसका सीधा दबाव भारत सरकार की subsidy policy और घरेलू fertiliser market पर भी देखने को मिल सकता है।
Natural Farming पर सरकार का लगातार बढ़ता फोकस
केंद्र सरकार पिछले कई वर्षों से sustainable agriculture और soil health सुधारने की दिशा में लगातार काम कर रही है। इसी सोच के तहत कई बड़ी योजनाएं शुरू की गईं, जिनमें शामिल हैं:
Paramparagat Krishi Vikas Yojana
Bharatiya Prakritik Krishi Paddhati
National Mission on Natural Farming
सरकार का लक्ष्य खेती की लागत घटाना, मिट्टी की गुणवत्ता सुधारना और किसानों को sustainable farming की ओर ले जाना बताया जा रहा है।
फिलहाल Chemical Fertilisers की जरूरत बनी रहेगी
हालांकि कृषि विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत जैसे विशाल कृषि प्रधान देश में फिलहाल chemical fertilisers की भूमिका पूरी तरह खत्म नहीं हो सकती। , बेहतर उत्पादन और बढ़ती आबादी की जरूरतों को पूरा करने के लिए fertilisers अभी भी बेहद जरूरी माने जा रहे हैं।
इसी कारण analysts का मानना है कि short-term में fertiliser demand स्थिर बनी रह सकती है, लेकिन long-term में sector को नई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
किन कंपनियों पर रहेगी बाजार की नजर?
अब निवेशकों की नजर खास तौर पर Coromandel International, Chambal Fertilisers and Chemicals और Gujarat State Fertilizers and Chemicals जैसी कंपनियों पर रहेगी।
वहीं market experts का मानना है कि यदि global prices ऊंचे बने रहते हैं और supply disruptions बढ़ते हैं, तो Deepak Fertilisers जैसी diversified chemical कंपनियों को बेहतर margins और broader chemical demand का फायदा मिल सकता है।




