गोरखपुर को मिला बड़ा तोहफा: 236 करोड़ की लागत से बनेगा इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम

गोरखपुर/लखनऊ – उत्तर प्रदेश की खेल जगत में एक और बड़ी छलांग, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत गोरखपुर को जल्द ही इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम का तोहफा मिलने वाला है। 236 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह अत्याधुनिक स्टेडियम पूर्वांचल को न केवल खेल के क्षेत्र में बल्कि इंफ्रास्ट्रक्चर और पर्यटन के नक्शे पर भी नई पहचान दिलाएगा।
50 एकड़ में फैलेगा स्पोर्ट्स का यह महाकुंभ
गोरखपुर के ताल नदौर इलाके में बनने वाला यह स्टेडियम 50 एकड़ भूमि पर बनेगा, जिसमें 45 एकड़ में मुख्य परिसर और 5 एकड़ में सहायक सुविधाएं होंगी। इसकी क्षमता 30,000 से अधिक दर्शकों की होगी और यह दो मंजिला स्टेडियम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के मानकों के अनुरूप तैयार किया जाएगा।
क्रिकेट के साथ मल्टीपर्पज इवेंट्स का हब
स्टेडियम को बहुउद्देश्यीय रूप में विकसित किया जा रहा है। इसमें 7 मुख्य पिच और 4 प्रैक्टिस पिच होंगी। नॉर्थ और साउथ पवेलियन में खिलाड़ियों, अधिकारियों, मीडिया और वीआईपी गेस्ट्स के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं मौजूद रहेंगी। स्टेडियम में प्रेस कॉन्फ्रेंस हॉल, डोपिंग कंट्रोल रूम और ब्रॉडकास्टिंग कंट्रोल रूम जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
तकनीक और पर्यावरण के बीच संतुलन
गोरखपुर का यह स्टेडियम पूरी तरह से हाई-टेक और ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर पर आधारित होगा। 60 मीटर ऊंचे 4 हाई मास्ट लाइट्स, HDTV ब्रॉडकास्टिंग, सोलर पैनल, एनर्जी एफिशिएंट HVAC सिस्टम और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट जैसे फीचर्स इसे देश के बेहतरीन स्टेडियमों की सूची में शामिल करेंगे।
कनेक्टिविटी और सुविधा का ध्यान
स्टेडियम को गोरखपुर-वाराणसी हाईवे (NH-24) से जोड़ा जाएगा। गोरखपुर जंक्शन, बस अड्डे और एयरपोर्ट से इसकी दूरी 20 से 24 किमी के बीच होगी। पार्किंग की सुविधा 1500 वाहनों के लिए होगी, साथ ही परिसर में फर्स्ट एड, टॉयलेट्स, मर्चेंडाइज स्टोर्स और वीडियो बोर्ड जैसी तमाम सहूलियतें भी होंगी।
पूर्वांचल को मिलेगा गर्व
फिलहाल यूपी में कानपुर और लखनऊ में इंटरनेशनल क्रिकेट मैच होते हैं। वाराणसी में स्टेडियम का निर्माण जारी है, और अब गोरखपुर को यह गौरव मिलने जा रहा है। यह न सिर्फ क्रिकेट प्रेमियों के लिए खुशी की बात है, बल्कि इससे स्थानीय युवाओं को करियर के नए अवसर और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार मिलेगी।
सीएम योगी का विजन
सीएम योगी आदित्यनाथ की नेतृत्व में यह स्टेडियम न केवल एक निर्माण परियोजना है, बल्कि यह पूर्वांचल के गौरव और प्रदेश के खेल विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। 18 महीनों में इस परियोजना के पूर्ण होने की उम्मीद है।



