पंजाब AAP विधायकों की केजरीवाल संग दिल्ली में मीटिंग, कांग्रेस के दावों पर पलटवार
पंजाब AAP विधायकों की केजरीवाल संग दिल्ली में मीटिंग, कांग्रेस के दावों पर पलटवार
नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) की हार के बाद पंजाब की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस ने दावा किया था कि 35 विधायक AAP छोड़ने को तैयार हैं और 30 विधायक उनके संपर्क में हैं। इसी बीच, AAP संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को पंजाब के सभी विधायकों को दिल्ली बुलाकर कपूरथला हाउस में बैठक की।
महज 30 मिनट की मीटिंग, प्रेस कॉन्फ्रेंस जल्द
यह मीटिंग केवल 30 मिनट चली, जिसमें दिल्ली चुनाव हारे पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी मौजूद रहे। मीटिंग खत्म होने के बाद लुधियाना से AAP विधायक अशोक पराशर ने कहा, “केजरीवाल ने हमसे कहा कि हमने मजबूती से लड़ाई लड़ी है। अगर कोई पैसा, बेइमानी और गुंडागर्दी से जीत भी गया, तो हमें कमजोर महसूस नहीं करना है। हमें और मजबूती से अगले चुनाव की तैयारी करनी है।”
सिर्फ चुने हुए विधायकों को मीटिंग में एंट्री
मीटिंग के दौरान सुरक्षा कड़ी रही और केवल उन्हीं विधायकों को अंदर जाने की अनुमति मिली, जिनके नाम गेट पर मौजूद लिस्ट में थे। कई विधायकों ने कहा कि उन्हें मीटिंग का एजेंडा पहले से नहीं बताया गया था, लेकिन यह स्पष्ट किया गया कि न तो पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान बदले जाएंगे और न ही कोई विधायक पार्टी छोड़कर जाएगा।
कांग्रेस के दावों पर AAP का पलटवार
पंजाब कांग्रेस ने दावा किया था कि अरविंद केजरीवाल जल्द ही पंजाब के मुख्यमंत्री बन सकते हैं। इस दावे के पीछे उन्होंने AAP पंजाब अध्यक्ष अमन अरोड़ा के एक बयान का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि “कोई हिंदू भी पंजाब का मुख्यमंत्री बन सकता है।” हालांकि, AAP ने इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि यह केवल एक रूटीन मीटिंग थी।
AAP प्रवक्ता नील गर्ग ने कांग्रेस के आरोपों को नकारते हुए कहा, “यह पार्टी का फैसला है कि मीटिंग चंडीगढ़ में हो या दिल्ली में। विपक्ष बिना किसी आधार के अफवाहें फैला रहा है।”
क्या पंजाब में AAP में टूट की आशंका?
पंजाब में AAP के 92 विधायक हैं और कांग्रेस के दावे के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। हाल ही में दिल्ली चुनाव में AAP की हार के बाद पार्टी की रणनीति पर सवाल उठ रहे थे। ऐसे में यह मीटिंग महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
अब सभी की नजरें इस पर टिकी हैं कि केजरीवाल इस बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या घोषणा करेंगे।



