राहुल गांधी का हरियाणा दौरा – 4 जून को संगठन सृजन अभियान को देंगे गति, नए जिलाध्यक्षों की नियुक्ति का रोडमैप तैयार

चंडीगढ़, 2 जून 2025 – हरियाणा कांग्रेस में संगठनात्मक बदलावों की आहट तेज हो गई है। इसी सिलसिले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आगामी 4 जून को चंडीगढ़ दौरे पर आ रहे हैं। उनके इस दौरे को पार्टी के बहुप्रतीक्षित “संगठन सृजन अभियान” से जोड़ा जा रहा है, जिसका मकसद 2025 तक देशभर में कांग्रेस संगठन को मजबूत करना है।
हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (HPCC) के प्रभारी बी. के. हरिप्रसाद और प्रदेश अध्यक्ष चौधरी उदयभान ने सोमवार को कांग्रेस कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राहुल गांधी के दौरे की जानकारी साझा की।
पहली बार कांग्रेस कार्यालय में गांधी परिवार का आगमन
प्रदेश अध्यक्ष उदयभान ने बताया कि, “यह पहला मौका है जब गांधी परिवार का कोई सदस्य हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आ रहा है। राहुल गांधी का यह दौरा न केवल ऐतिहासिक है, बल्कि इससे संगठन को नई ऊर्जा भी मिलेगी।”
वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठकें
राहुल गांधी 4 जून को चंडीगढ़ पहुंचने के बाद भूपेंद्र सिंह हुड्डा, कुमारी सैलजा, रणदीप सुरजेवाला, अजय यादव, चेतन चौहान और विनीत पूनिया समेत पार्टी के दिग्गज नेताओं के साथ बैठक करेंगे। इसके बाद वे AICC और PCC के पर्यवेक्षकों के साथ भी संवाद करेंगे, ताकि जिलों में संगठनात्मक ढांचा सुदृढ़ किया जा सके।
जिलाध्यक्षों की नियुक्ति का नया मॉडल
प्रदेश प्रभारी बी.के. हरिप्रसाद ने बताया कि इस बार कांग्रेस नई रणनीति के तहत जिलाध्यक्षों की नियुक्ति करेगी। “हर जिले में पर्यवेक्षक जाकर फीडबैक लेंगे। जो नेता लंबे समय से पार्टी के लिए समर्पित हैं, वे ही जिलाध्यक्ष पद के दावेदार बन सकेंगे। इस प्रक्रिया को एक महीने के भीतर पूरा कर लिया जाएगा।”
अनुशासनहीनता पर सख्ती
हरिप्रसाद ने यह भी स्पष्ट किया कि, “यदि कोई नेता पार्टी लाइन से हटकर अनुशासन तोड़ता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
संगठन वर्ष 2025
राहुल गांधी के इस दौरे को लेकर पार्टी में खासा उत्साह है। उनके नेतृत्व में चल रहे संगठन सृजन अभियान को लेकर प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, “2025 कांग्रेस का संगठन वर्ष है। हमारा फोकस साफ है – ज़मीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत करना।”
राहुल गांधी का यह दौरा आगामी विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस की तैयारियों की नींव रख सकता है। साथ ही, इससे कार्यकर्ताओं में नई प्रेरणा और रणनीतिक दिशा तय होने की उम्मीद जताई जा रही है।



