रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ रुपया, डॉलर के मुकाबले 96.35 तक पहुंची कमजोरी
विदेशी निवेश निकासी और मजबूत डॉलर से बढ़ा दबाव, RBI के हस्तक्षेप पर टिकी बाजार की नजर
Asheesh srivastava
भारतीय रुपया सोमवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ। शुरुआती कारोबार में 96.17 पर खुलने के बाद दिनभर दबाव में रहा रुपया अंततः करीब 96.35 प्रति डॉलर के स्तर पर बंद हुआ। शुक्रवार को रुपया 95.97 पर बंद हुआ था, ऐसे में एक ही कारोबारी सत्र में इसमें बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
डॉलर की मजबूती बनी बड़ी वजह
वैश्विक बाजार में अमेरिकी डॉलर की लगातार मजबूती और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली ने रुपये पर दबाव बढ़ा दिया। इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और घरेलू शेयर बाजार में कमजोरी ने भी भारतीय मुद्रा को प्रभावित किया।

आयात होगा महंगा
रुपये की कमजोरी का सीधा असर आयात पर पड़ता है। कच्चा तेल, इलेक्ट्रॉनिक्स और खाद्य तेल जैसी वस्तुओं के आयात की लागत बढ़ सकती है, जिससे महंगाई पर भी असर देखने को मिल सकता है। हालांकि निर्यातकों को डॉलर में भुगतान मिलने के कारण कुछ राहत मिल सकती है।
RBI की भूमिका पर नजर
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि रुपये में गिरावट का सिलसिला जारी रहता है तो भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) हस्तक्षेप कर सकता है। निवेशकों की नजर अब विदेशी मुद्रा भंडार, डॉलर इंडेक्स और वैश्विक आर्थिक संकेतकों पर बनी हुई है।
आगे कैसी रह सकती है चाल
विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियां, कच्चे तेल की कीमतें और विदेशी निवेश का रुख रुपये की दिशा तय करेंगे। फिलहाल बाजार में अस्थिरता बने रहने के संकेत हैं।



