खेल भूमि हरियाणा: गांव-गांव से निकल रहे चैंपियन, बना देश का ‘स्पोर्ट्स इंजन’

चंडीगढ़, 17 मई 2025 — हरियाणा एक बार फिर अपने खेल जज़्बे से पूरे देश का ध्यान खींच रहा है। जिस राज्य की मिट्टी से कुश्ती, हॉकी, बॉक्सिंग, एथलेटिक्स और कबड्डी में विश्वस्तरीय खिलाड़ी तैयार होते हैं, वह अब सिर्फ एक राज्य नहीं बल्कि भारत का ‘स्पोर्ट्स इंजन’ बन चुका है। हाल ही में खेलो इंडिया 2025 के सातवें संस्करण में हरियाणा के खिलाड़ियों ने 117 पदक जीतकर साबित कर दिया कि यह राज्य खेलों की असली धुरी है।
खेलो इंडिया में धमाका: हरियाणा दूसरे स्थान पर
हरियाणा के खिलाड़ियों ने खेलो इंडिया 2025 में 39 गोल्ड, 34 सिल्वर और 44 ब्रॉन्ज मेडल जीतकर कुल 117 पदकों के साथ शानदार प्रदर्शन किया। यह उपलब्धि राज्य की सशक्त खेल नीति और जमीनी स्तर पर किए गए निवेश का परिणाम है।
खेल नीति का असर मैदान में नजर आ रहा
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में बनाई गई विजनरी खेल नीति अब रंग ला रही है। हाल ही में राज्य सरकार ने खेल बजट में 40% की वृद्धि की है। इसके अंतर्गत कई महत्वपूर्ण योजनाएं लागू की गई हैं:
मिशन ओलंपिक 2036 के तहत दीर्घकालिक एथलीट विकास योजना
खेल नर्सरी की स्थापना
ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में प्रशिक्षण केंद्रों का विस्तार
खिलाड़ियों को बीमा, नकद पुरस्कार और आधुनिक सुविधाएं
खेल अवसंरचना का तेजी से आधुनिकीकरण
गांव से ग्लोरी तक: हरियाणा की असली ताकत
हरियाणा में खेल संस्कृति का हिस्सा है। यहां गांव-गांव से चैंपियन निकलते हैं — खेतों से सीधे ट्रैक तक, मिट्टी के अखाड़ों से मैट तक। यही वजह है कि यहां हर घर से खिलाड़ी निकलने की कहावत साकार हो रही है।
राज्य के युवा आज राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का गौरव बढ़ा रहे हैं।
ओलंपिक और एशियन गेम्स में भी हरियाणा का जलवा
हरियाणा के खिलाड़ी पिछले वर्षों में ओलंपिक और एशियन गेम्स में कुल पदकों का 30-40% से अधिक योगदान दे चुके हैं। चाहे नीरज चोपड़ा की जेवलिन हो या विनेश फोगाट की कुश्ती, हरियाणा के सितारे पूरी दुनिया में चमक रहे हैं।
सरकार का लक्ष्य: हर बच्चा बने खिलाड़ी
राज्य सरकार का विजन है कि हरियाणा का हर बच्चा खेल को अपनी शिक्षा और जीवन शैली का हिस्सा बनाए। इसी सोच के तहत स्कूल स्तर से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक खिलाड़ियों के लिए योजनाएं तैयार की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का कहना है:
“हमारा सपना है कि हरियाणा भारत को सबसे ज्यादा ओलंपिक पदक दिलाने वाला राज्य बने। खेल हमारे युवाओं को अनुशासन, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की राह पर ले जाते हैं।”



