सोनीपत में गोहाना तहसील और एसडीएम ऑफिस में दलालों और बिचौलियों की एंट्री पर पूरी तरह से रोक
हरियाणा के सोनीपत में गोहाना तहसील और एसडीएम ऑफिस में दलालों और बिचौलियों की एंट्री पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। एसडीएम अंजलि श्रोत्रिया ने इस संबंध में सख्त आदेश जारी किए हैं और सरकारी कार्यालयों में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कड़े कदम उठाए हैं
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गोहाना एसडीएम अंजलि श्रोत्रिया ने बताया कि सरकारी दफ्तरों में बाहरी लोगों की एंट्री पर रोक को प्रभावी बनाने के लिए एक कर्मचारी की गेट पर ड्यूटी लगाई गई है, जो हर आने-जाने वाले व्यक्ति की निगरानी करेगा। इसके अलावा, कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों से भी नजर रखी जाएगी ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी या अवैध गतिविधियों को रोका जा सके।
गोहाना एसडीएम अंजलि श्रोत्रिया जानकारी देते हुए
भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम
गौरतलब है कि हाल ही में प्रदेश सरकार ने भ्रष्टाचार के आरोपों में कई पटवारियों की सूची जारी की थी और यह ऐलान किया था कि अन्य विभागों के भ्रष्ट कर्मचारियों की भी लिस्ट जल्द जारी होगी। इसी के तहत गोहाना की एसडीएम ने यह सख्त कदम उठाया है ताकि सरकारी कार्यों में पारदर्शिता बनी रहे और जनता को बिना किसी बिचौलिए के सीधी सेवाएं मिल सकें।

सरकार द्वारा जारी किया गया पत्र
एसडीएम ने दिए सख्त निर्देश
एसडीएम अंजलि श्रोत्रिया ने स्पष्ट किया कि गोहाना तहसील कार्यालय और सरल केंद्र में अब कोई भी दलाल या बाहरी व्यक्ति प्रवेश नहीं कर सकेगा। उन्होंने सरकारी कर्मचारियों की एक मीटिंग लेकर निर्देश दिए कि किसी भी कार्यालय में काम करवाने के दौरान कोई बाहरी व्यक्ति कर्मचारी के पास खड़ा नहीं होना चाहिए। अगर किसी कर्मचारी को दलालों से बातचीत करते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि सरकारी कार्यालयों में दलाल सक्रिय हैं और आम जनता से काम करवाने के नाम पर पैसे वसूलते हैं। यह स्थिति बिल्कुल अस्वीकार्य है, और इसे रोकने के लिए ही सख्त कदम उठाए गए हैं।

तहसील में काम करवाने के दौरान स्थानीय लोग
अनियमितताओं पर कार्रवाई होगी
एसडीएम ने कर्मचारियों को भी स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कोई कर्मचारी भ्रष्टाचार को बढ़ावा देता है या दलालों से साठगांठ करता है, तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होगी। सरकारी कार्यालयों में अब पूरी पारदर्शिता के साथ काम किया जाएगा ताकि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
सरकार के इस कदम से न केवल भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी बल्कि सरकारी सेवाओं की सुगमता भी बढ़ेगी। अब देखना यह होगा कि इस फैसले का कितना प्रभाव पड़ता है और क्या प्रशासन इस आदेश को पूरी तरह से लागू कर पाता है।



