हरियाणा के फतेहाबाद में रचा गया इतिहास: बरसीन गांव में गठित हुई प्रदेश की पहली बालिका पंचायत

फतेहाबाद, 22 अप्रैल : हरियाणा ने बेटियों के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। फतेहाबाद जिले की ग्राम पंचायत बरसीन में प्रदेश की पहली बालिका पंचायत का गठन किया गया है। यह पहल राज्य में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान और लैंगिक समानता को सशक्त बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।
इस अवसर पर उपायुक्त सुश्री मनदीप कौर ने मुख्यातिथि के रूप में पहुंचकर नवनिर्वाचित बालिका सरपंच और पंचों को निर्वाचन प्रमाण पत्र प्रदान किए। उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे गांव की बेटियों को नेतृत्व की समझ और सामाजिक मुद्दों से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
11 से 21 वर्ष की आयु की बालिकाओं ने इस चुनाव प्रक्रिया में भाग लिया और लोकतांत्रिक तरीके से अपने प्रतिनिधियों का चयन किया। यह बालिका पंचायत फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू की गई है, जिसे आगे चलकर जिले के सभी गांवों में लागू किया जाएगा।
बालिका पंचायत का उद्देश्य और कार्यक्षेत्र:
सरकारी प्रवक्ता के अनुसार, बालिका पंचायत की भूमिका भले ही संवैधानिक या वित्तीय निर्णयों में नहीं होगी, लेकिन इसका मुख्य उद्देश्य बेटियों को शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, पोषण, स्वच्छता और लैंगिक समानता जैसे विषयों पर जागरूक करना है। पंचायत ग्राम सभा की बैठकों में भाग लेकर अपने विचार और सुझाव रख सकेगी।
बालिका पंचायत का गठन न केवल महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल है, बल्कि यह नेतृत्व क्षमता को भी निखारने का मंच बनेगा। बालिका पंचायत की सदस्याओं को नेतृत्व, शासन व्यवस्था और सामाजिक सरोकारों पर विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
हर गांव तक पहुंचेगी यह पहल:
उपायुक्त मनदीप कौर ने जानकारी दी कि इस मॉडल को सफल बनाकर फतेहाबाद जिले के हर गांव में इसे लागू किया जाएगा। इसके माध्यम से समाज में बेटियों की भागीदारी और आवाज को प्राथमिकता मिलेगी।
यह पहल न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए एक प्रेरणा बन सकती है, जिसमें बेटियों को आगे बढ़ने का मंच और अवसर दोनों मिलेंगे।



