हरियाणा सरकार का बड़ा ऐलान: बाढ़ पीड़ितों को मिलेगा राहत पैकेज, मृतकों के परिजनों को 4 लाख रुपये की सहायता

हरियाणा में हाल ही में हुई भीषण बारिश और बाढ़ के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। राज्य के कई जिलों में जलभराव, मकानों का ढहना और फसलों को व्यापक नुकसान हुआ है। इन परिस्थितियों को देखते हुए हरियाणा सरकार ने आपदा प्रभावितों के लिए विशेष राहत पैकेज की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्पष्ट किया कि “प्राकृतिक आपदा की इस घड़ी में राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ नागरिकों के साथ खड़ी है।”
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश में भारी बारिश के कारण उत्पन्न बाढ़ जैसे हालातों में प्रभावित लोगों को तत्काल राहत उपायों के लिए सरकार ने जिलों को आरक्षित निधि के रूप में कुल 3 करोड़ 26 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की है। इस धनराशि का उपयोग प्रभावित लोगों को भोजन, वस्त्र, अस्थायी आश्रय, तंबू, पशुओं के लिए चारा और पेट्रोल, डीजल व अन्य ईंधन सहित अन्य आवश्यक वस्तुओं, राहत सामग्री के परिवहन और ग्रामीण क्षेत्रों में जल निकासी कार्यों के लिए किया जा रहा है। मुख्यमंत्री यहां मंत्रिमंडल की अनौपचारिक बैठक के बाद प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे।
नायब सैनी ने कहा कि यह दुख की बात है कि इस प्राकृतिक आपदा में मकान ढहने से प्रदेश के 13 लोगों की जान चली गई। शोक संतप्त परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए सरकार ने तुरंत 52 लाख रुपये की अनुग्रह सहायता जारी की है। प्रत्येक व्यक्ति के परिवार को 4 लाख रुपये की राशि दी जाएगी। इसके अलावा, घायलों को भी मदद के लिए 2 लाख रुपये प्रदान किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने बाढ़ से नागरिकों को हुई कठिनाइयों को कम करने के लिए ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला हुआ है।अब तक क्षतिपूर्ति पोर्टल पर प्रदेश के 5217 गांवों के 2 लाख 53 हजार 440 किसानों ने 14 लाख 91 हजार 130 एकड़ क्षेत्र का पंजीकरण करवाया है। इस क्षेत्र के सत्यापन का काम जारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी उपायुक्तों को निर्देश दिए गए हैं कि जलभराव वाले क्षेत्रों में गिर गए अथवा आंशिक नुकसान वाले मकानों का सर्वे करवाया जाए। इसके अलावा, जो परिवार 20 वर्षों से पंचायती जमीन या इस प्रकार की अन्य जमीन पर काबिज हैं, उनके मकानों को भी यदि नुकसान हुआ है तो उनकी भी सूची तैयार की जाएगी और उन्हें भी आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इस अवसर पर सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग के महानिदेशक के. मकरंद पांडुरंग और मुख्यमंत्री के ओएसडी भारत भूषण भारती उपस्थित रहे।
आपदा पीड़ितों को सहायता
नुकसान सहायता राशि
मृत्यु 4 लाख रु.
अंग हानि (40–60%) 74,000 रु.
अंग हानि (60% से अधिक) 2.50 लाख रु.
क्षतिग्रस्त मकान (मैदानी क्षेत्र) 1.20 लाख रु.
क्षतिग्रस्त मकान (पहाड़ी क्षेत्र) 1.30 लाख रु.
आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त पक्के मकान (15%) 10,000 रु.
आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त कच्चे मकान (15%) 5,000 रु.
गांव में दुकान/संस्थान/उद्योग को 100% हानि 1 लाख रुपये या वास्तविक हानि
व्यावसायिक हानि (1–5 लाख तक)– 1.75 से 3.05 लाख रुपये (5 लाख से अधिक पर 3.05 लाख +10%)
फसल हानि सब्सिडी (प्रतिशतता आधार पर) – प्रति एकड़ 7,000 से 15,000 रुपये तक
दूधारू पशु हानि (भैंस, गाय, ऊंटनी) 37,500 रु.
भेड़/बकरी/सूअर 4,000 रु.
दूध न देने वाले पशु (ऊंट, घोड़ा, बैल) 32,000 रु.
मुर्गी पालन 10,000 रु. तक



