एचआईवी को हराने के लिए जागरूकता फैलाना जरूरी: हरियाणा स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव

हरियाणा की स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि हरियाणा सरकार ने एक सशक्त और संवेदनशील स्वास्थ्य ढांचा विकसित किया है, जिसके माध्यम से एचआईवी संक्रमित लोगों का हर संभव इलाज सुनिश्चित किया जा रहा है। मंत्री ने आम जनता से अपील की कि जन-जन को जागरूक करना और नियमित एचआईवी जांच कराना आवश्यक है, विशेषकर गर्भवती महिलाओं को।
मंत्री राव सोमवार को कैथल में विश्व एड्स दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहीं थीं। इससे पहले उन्होंने स्कूल परिसर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाई गई एड्स जागरूकता प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
हरियाणा में एचआईवी/एड्स सेवाओं की सुविधाएँ
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प्रदेश में 104 ICTC केंद्र कार्यरत हैं, जिनमें फरीदाबाद की मोबाइल ICTC भी शामिल है।
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24 ART केंद्र, जिनमें 13 नए केंद्र मेडिकल कॉलेजों में स्थापित किए गए हैं।
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इसके अतिरिक्त 5 FIART केंद्र और 4 लिंक ART केंद्र सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।
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जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता सभी क्षेत्रों में सुनिश्चित की गई है।
विशेष सुविधाएँ और वित्तीय सहायता
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पीपीपी मोड के माध्यम से अल्ट्रासाउंड, MRI और CT स्कैन जैसे टेस्ट एचआईवी पीड़ितों के लिए निशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
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दिसंबर 2021 से हरियाणा सरकार द्वारा एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों को 2250 रुपये प्रतिमाह वित्तीय सहायता दी जा रही है। अब तक 54 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं और इस वर्ष 27 करोड़ 78 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
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एचआईवी पीड़ितों को सरकारी ब्लड बैंक से निःशुल्क रक्त उपलब्ध है।
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भारत सरकार के रेल मंत्रालय द्वारा नामित ART केंद्रों में उपचार के लिए 50% छूट दी जाती है।
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हरियाणा राज्य में एचआईवी/एड्स संक्रमित व्यक्तियों को निःशुल्क कानूनी सहायता भी उपलब्ध है।
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प्रत्येक जिले में नशा मुक्ति केंद्र चलाए जा रहे हैं।
मंत्री राव ने जोर देकर कहा कि एचआईवी एड्स जैसी गंभीर बीमारी को हराने के लिए जागरूकता, समय पर जांच और सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई सुविधाओं का अधिकतम उपयोग आवश्यक है।



