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हरियाणा में लिंगानुपात सुधार की रफ्तार तेज़, अब 906 पहुंचा आंकड़ा – अवैध गर्भपात पर सख्ती के निर्देश

चंडीगढ़, 24 जून 2025: हरियाणा सरकार ने बेटियों की सुरक्षा और सम्मान को लेकर एक और बड़ा कदम उठाया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री कुमारी आरती सिंह राव के निर्देश पर आज स्वास्थ्य विभाग की साप्ताहिक राज्य टास्क फोर्स (STF) बैठक में लिंगानुपात सुधार को लेकर कई बड़े निर्णय लिए गए। बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल ने की।

906 तक पहुंचा लिंगानुपात – हरियाणा में नई उम्मीद

बैठक में बताया गया कि 1 जनवरी से 23 जून 2025 तक राज्य में लिंगानुपात 906 रहा, जो पिछले साल की तुलना में सुधार दर्शाता है (2024 में यही आंकड़ा 902 था)। ये बदलाव ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान और प्रशासन की सख्ती का परिणाम माना जा रहा है।

अवैध गर्भपात पर सख्त कार्रवाई – दोषियों की खैर नहीं

अतिरिक्त मुख्य सचिव ने अवैध गर्भपात और एमटीपी किट की बिक्री पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए कई अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए:

  • चरखी दादरी के पूर्व सीएमओ डॉ. राजविंदर मलिक को चार्जशीट किया गया।

  • भिवानी के गोपी सीएचसी के एसएमओ डॉ. एम. नेहरा को भी लिंगानुपात में गिरावट के चलते चार्जशीट किया गया।

  • सोनीपत के खरखौदा में एक आयुष चिकित्सक का पंजीकरण रद्द कर एफआईआर दर्ज की गई।

28 निरीक्षण, 1 दुकान सील, 2 FIR – MTP किट पर शिकंजा

17 से 23 जून के बीच राज्यभर में एमटीपी किट की अवैध बिक्री के खिलाफ 28 निरीक्षण किए गए:

  • 1 दुकान सील

  • 2 एफआईआर

  • थोक विक्रेताओं की संख्या 32 से घटकर 3 रह गई

शहरी क्षेत्रों में भी जागरूकता अभियान का विस्तार

अब ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ केवल गांवों तक सीमित नहीं रहेगा:

  • RWAs और नगर निकायों को किया जाएगा शामिल

  • पार्कों और सार्वजनिक स्थलों पर बैनर, रैलियों और अभियान के जरिए प्रचार

  • मेडिकल कॉलेजों के पीजी छात्र जागरूकता फैलाने में करेंगे सहयोग

  • सोशल मीडिया पर महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा विशेष अभियान

‘सहेलियों’ की भूमिका सराही जाएगी

जिन सहेलियों ने बेटियों के सुरक्षित जन्म में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, उन्हें CMO स्तर पर पहचान और सम्मान दिया जाएगा, ताकि समाज में सकारात्मक संदेश जाए और भागीदारी बढ़े।

रिवर्स ट्रैकिंग होगी अनिवार्य

किसी भी महिला के रक्तस्राव के साथ अस्पताल पहुंचने पर एमटीपी की जांच अनिवार्य होगी। यदि नियमों का उल्लंघन पाया गया तो तत्काल कानूनी कार्रवाई होगी।

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