शिक्षक की हैवानियत: तीसरी कक्षा के छात्र को ‘मुर्गा’ बनाकर पीठ पर बैठा टीचर, मासूम का पैर टूटा

हरदोई (उत्तर प्रदेश): शिक्षक जिसे बच्चों का मार्गदर्शक और संरक्षक माना जाता है, वही जब हैवानियत पर उतर आए तो समाज के लिए यह एक चिंताजनक विषय बन जाता है। ऐसा ही एक दिल दहला देने वाला मामला हरदोई जिले के एक प्राइवेट स्कूल से सामने आया है, जहां एक निर्दोष छात्र को अमानवीय सजा दी गई, जिससे उसका पैर फ्रैक्चर हो गया।
क्या है पूरा मामला?
यह घटना बिलग्राम कोतवाली क्षेत्र के बिरौरी गांव स्थित कल्याणी देवी बाल कल्याण केंद्र में हुई। पीड़ित छात्र राहुल (10 वर्ष), निवासी झाला पुरवा गांव, तीसरी कक्षा में पढ़ता है।
मिली जानकारी के अनुसार, रविवार को क्लास में शिक्षक हर्षित तिवारी ने राहुल से एक सवाल पूछा। जब बच्चा सही उत्तर नहीं दे सका, तो टीचर को इतना गुस्सा आया कि उन्होंने उसे जातिसूचक गालियां दीं और फिर क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए मुर्गा बना दिया। लेकिन यहीं पर शिक्षक का अमानवीय कृत्य खत्म नहीं हुआ।
शिक्षक ने छात्र की पीठ पर बैठकर तोड़ दिया पैर!
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शिक्षक ने छात्र को मुर्गा बनाने के बाद उसकी पीठ पर बैठ गए, जिससे मासूम राहुल दर्द से तड़प उठा। अत्यधिक दबाव के कारण छात्र का पैर फ्रैक्चर हो गया। दर्द के कारण जब राहुल चिल्लाने लगा, तब जाकर शिक्षक ने उसे छोड़ा।
मामला उजागर होने के बाद आक्रोश
घटना की जानकारी मिलते ही राहुल के परिजन और गांव के लोग भड़क उठे और स्कूल पहुंचकर शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे। गुस्साए परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
शिक्षक पर होगी कड़ी कार्रवाई?
पुलिस मामले की जांच में जुटी है और जल्द ही आरोपी शिक्षक हर्षित तिवारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की संभावना है। शिक्षा के मंदिर में बच्चों के साथ इस तरह की बर्बरता न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि समाज के नैतिक मूल्यों पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
ऐसी घटनाएं शिक्षा प्रणाली और स्कूलों की जवाबदेही पर भी बड़ा सवाल खड़ा करती हैं। अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन इस अमानवीय कृत्य पर क्या कदम उठाता है।



