अम्बाला छावनी की गांधी मार्केट में लगे जगह-जगह कूड़े के ढेर…सफाईकर्मी मस्त… जनता त्रस्त… पार्षद पस्त…!

अम्बाला छावनी : अपने ही पार्षदों के काम पर मिट्टी डाल रहे हैं सफाई कर्मचारी। यह हम इसलिए कह रहे हैं कि अगर कोई पार्षद दिल से जनता की सेवा के लिए काम करना चाह रहा है तो उसको ग्राउंड लेवल से सपोर्ट नहीं मिल रही है। ऐसा ही वाक्य वार्ड नंबर 27 की गांधी मार्केट में देखने को मिला। गांधी मार्केट के दुकानदार विपिन कुमार, हेमंत मल्होत्रा, अजीत कुमार, राजेंद्र सिंह, रवि थापर, हरदीप सिंह आदि लोगों ने बीते शनिवार को अपने ही वार्ड नंबर 27 के पार्षद शिवाजी काकरान को बुलाया। दुकानदारों ने बताया कि उनको मौका दिखाया कि यहां गांधी मार्किट रोड गंदगी से भरी पड़ी है। जगह-जगह पानी खड़ा हुआ है। आधी गांधी मार्केट में सफाई होती है और आधी मार्केट में सफाई कर्मचारी आता ही नहीं। यदि कोई आ भी जाता है तो वह दुकानदारों से बदतमीजी कर चला जाता है। यह शिकायत जब उनके वार्ड पार्षद शिवाजी के सम्मुख की गई और मौके पर सफाई दरोगा को बुलाया गया और पार्षद द्वारा सख्त लहजे में उसको यह सारी बात बताई गई। दरोगा भी तुरंत सफाई की बात कहकर चला गया, परंतु तीन दिन बीत जाने के बावजूद आज बुधवार तक मार्केट में सफाई नहीं और न ही उसके कान पर सफाई की जूं रेंगी।
सड़ रहा कूड़ा, लोग परेशान
गंदगी का आलम वैसे का वैसा ही है। बरसात होने की वजह से कूड़ा सड़ रहा है। न कोई झाड़ू लगाने आता है और न ही कोई उठाने। पार्षद ने खुद कहा कि वार्ड नंबर 27 चारों ओर बिखरा हुआ है। उनके पास सिर्फ 10 सफाई कर्मचारी हैं जिसमें कुछ महिलाएं हैं जो बुजुर्ग भी हैं जिनसे काम नहीं हो पाता। ऐसे में जिम्मेदारी किसकी है कि जनता को सफाई व्यवस्था की राहत कौन देगा। पार्षद ने अपनी यह बात कह कर अपने हाथ खड़े कर दिए। नगर परिषद के पास कर्मचारी नहीं हैं। कर्मचारी जो हैं वह बुजुर्ग हैं, काम नहीं हो पाता है। ऐसे में जनता को सफाई व्यवस्था से निजात कैसे मिलेगी। यह वाक्य कोई एक वार्ड का नहीं है।
अन्य वार्डों में भी बुरा हाल
अंबाला छावनी के लगभग सभी वार्ड इसी तरीके से गंदगी से भरे पड़े हैं। सत्ता पक्ष के पार्षद अगर काम करने के लिए उनको खुद ही उन गंदगी भरे स्थानों पर खड़ा होना पड़ रहा है। उसके बावजूद सफाई अगले दिन नदारत हो जाती है। दुकानदारों ने बताया कि अंबाला छावनी की नगर परिषद के अध्यक्ष स्वर्ण कौर अपने घर से कभी बाहर निकली ही नहीं हैं। ऐसे में अन्य वार्डों में पार्षदों को क्या समस्या आ रही है वह उनको कैसे पता लगेगा। हालांकि यह उनकी जिम्मेदारी बनती है कि छावनी में जब पानी आया था तब भी वह नदारत ही दिखाई दीं। उसके बाद सफाई व्यवस्था वार्ड में कैसी है यह उन तक जानकारी ही नहीं है। यह तो साफ पता चलता है कि शायद वह मजबूरी में नगर परिषद की अध्यक्ष बनी हुई हैं। ऐसी हालत में यह साफ दिखता है कि अंबाला छावनी की जनता को खुद ही अपनी व्यवस्था करनी होगी। चाहे वह पानी भरने की समस्या हो या कूड़ा उठाने की या फिर सड़कों पर झाड़ू लगाने की।
सफाई व्यवस्था होगी दुरुस्त
वार्ड नंबर 27 काफी बड़ा वार्ड है, बरसात और जलभराव के चलते कुछ सफाई कर्मचारियों को इधर-उधर शिफ्ट किया गया है। जहां भी कूड़ा बिखरा है, उसे हटवा दिया जाएगा, वैसे भी हमारे वार्ड में सिर्फ 10 सफाई कर्मचारी हैं, जिसमें कुछ महिलाएं हैं जो बुजुर्ग भी हैं। जल्द सफाई व्यवस्था दुरुस्त हो जाएगी।



