हंगामे की भेंट चढ़ा हरियाणा विधानसभा का पहला दिन: कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन, छह बार स्थगित हुई कार्यवाही

चंडीगढ़, 22 अगस्त 2025 — हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत भारी हंगामे और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच हुई। भिवानी की शिक्षिका मनीषा हत्याकांड और प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर कांग्रेस विधायकों ने जोरदार प्रदर्शन किया। विपक्ष के आक्रामक रुख के चलते विधानसभा की कार्यवाही पूरे छह बार स्थगित करनी पड़ी। अब सदन की अगली कार्यवाही सोमवार, 26 अगस्त को दोपहर 2 बजे से शुरू होगी।
‘बेटी बचाओ’ के पोस्टर लेकर वेल में उतरे विधायक
कांग्रेस विधायक मनीषा हत्याकांड पर काम रोको प्रस्ताव की मांग को लेकर हाथों में ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ के पोस्टर लेकर वेल में पहुंच गए। जोरदार नारेबाजी करते हुए उन्होंने प्रश्नकाल और शून्यकाल नहीं चलने दिया। स्पीकर हरविंद्र कल्याण को बार-बार कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
स्पीकर-हुड्डा के बीच तीखी नोकझोंक
हंगामे के बीच स्पीकर और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बीच तीखी बहस देखने को मिली। स्पीकर ने कहा, “आप विपक्ष के नेता नहीं हैं, लेकिन हम आपको सम्मान दे रहे हैं।” इस पर हुड्डा ने जवाब दिया, “नेता होना मायने नहीं रखता, मुद्दा यह है कि सरकार चर्चा से क्यों भाग रही है?”
सर्वदलीय बैठक के बाद बनी सहमति
लगातार गतिरोध के बाद स्पीकर ने सर्वदलीय बैठक बुलाई, जिसमें यह निर्णय लिया गया कि 26 अगस्त को मनीषा हत्याकांड और कानून व्यवस्था के मुद्दे पर काम रोको प्रस्ताव पर चर्चा होगी। इसके साथ ही बिजनेस एडवाइजरी कमेटी ने सत्र को 27 अगस्त तक चलाने का फैसला किया। 23 और 24 अगस्त को सदन की छुट्टी रहेगी।
मुख्यमंत्री सैनी का पलटवार: “हम चर्चा को तैयार”
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार मनीषा मामले में चर्चा के लिए तैयार है और पुलिस ने कार्रवाई भी की है। उन्होंने कांग्रेस पर राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा, “यह हमारी बेटी है, हम राजनीति नहीं करना चाहते।”
स्पीकर ने कहा – “यह सदन है, मोहल्ला नहीं”
सदन में बढ़ते हंगामे के बीच स्पीकर हरविंद्र कल्याण ने कांग्रेस विधायकों को फटकार लगाते हुए कहा, “यह मोहल्ले का जमावड़ा नहीं है, यह सदन है। यह जो हो रहा है, वह निंदनीय है। यह गुंडागर्दी नहीं चलेगी।”
कांग्रेस अड़ी – “बेटियों की हत्या पर चुप्पी क्यों?”
कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल ने तीखा सवाल उठाते हुए कहा, “जब बेटियों की हत्या हो रही है, तो क्या ये मुद्दा तत्काल चर्चा के लायक नहीं है?” वहीं, मंत्री महिपाल ढांडा ने पलटवार करते हुए कांग्रेस पर सदन का वक्त बर्बाद करने का आरोप लगाया।



