-उपराष्ट्रपति ने एनआईटी के 20वें दीक्षांत समारोह हुए शामिल

कुरुक्षेत्र : भारत के उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी), कुरुक्षेत्र के 20वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। इस अवसर पर राज्यपाल प्रो. आशिम कुमार घोष, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, एनआईटी के निदेशक प्रो. बी.वी. रमना रेड्डी, एनआईटी कुरुक्षेत्र के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की अध्यक्ष डॉ. तेजस्विनी अनंत कुमार और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
वैश्विक परिवर्तन की गति पर बोलते हुए उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, नवीकरणीय ऊर्जा प्रणालियों, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी, साइबर सुरक्षा और सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में विकास के बारे में बात की। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि प्रौद्योगिकी उद्योगों को नया रूप देने और समाज के कामकाज के तरीके को पुन:परिभाषित करने में एक शक्तिशाली माध्यम बन गई है। उन्होंने विद्यार्थियों से ज़िम्मेदारी से नवाचार करने का आग्रह किया और कहा कि “प्रौद्योगिकी का असली उद्देश्य केवल प्रगति नहीं, बल्कि उद्देश्यपूर्ण प्रगति है।”
एनआईटी शोध व नवाचार का मज़बूत स्तंभ : राज्यपाल
राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा कि एनआईटी कुरुक्षेत्र, जो भारत के रिसर्च और इनोवेशन इकोसिस्टम में एक महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में तेजी से उभर रहा है, आने वाले समय में गौरव और उपलब्धियों की नई ऊँचाइयों को प्राप्त करेगा।
उन्होंने नव–स्नातक विद्यार्थियों को बधाई देते हुए राज्यपाल ने कहा कि उनकी उपलब्धियाँ विकसित भारत @ 2047 के उस व्यापक विज़न से गहराई से प्रेरित हैं, जिसके प्रति हरियाणा सरकार मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में शिक्षा सुधार, डिजिटल गवर्नेंस, औद्योगिक साझेदारी और समावेशी ग्रामीण विकास को लेकर दृढ़ता से प्रतिबद्ध है। राज्यपाल ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में एनआईटी कुरुक्षेत्र ने शैक्षणिक क्षेत्र में उल्लेखनीय रूपांतरण किया है। यह संस्थान अब 15 स्नातक कार्यक्रम तथा 28 स्नातकोत्तर कार्यक्रम प्रदान करता है, जिनमें 17 एम.टेक, चार एम.एससी, एमबीए, एमसीए तथा इंटीग्रेटेड बी.टेक–एम.टेक सहित अन्य कार्यक्रम शामिल हैं।
युवा बनें नवाचार के अग्रदूत : नायब सैनी
इस अवसर पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि बदलते दौर में चुनौतियोंका सरल व प्रभावी समाधान केवल नवाचार से संभव है। उन्होंने डिग्री धारक औरपदक लेने वाले युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज की समस्याओं को सरल बनाने में करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। देश को विकसित भारत की दिशा में आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी युवाओं के कंधों पर है। ऐसे में युवाओं को चाहिए कि वे केवल नौकरी पाने का लक्ष्य न रखें, बल्कि रोजगार सृजक, समाधानकर्ता और नवाचार के अग्रदूत बनें।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उपाधि एवं पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि दीक्षांत समारोह किसी भी शिक्षण संस्थान के इतिहास का मील का पत्थर होता है। उन्होंने छात्रों, उनके माता-पिता और शिक्षकों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि एनआईटी कुरुक्षेत्र ने 1963 से अब तक लंबी विकास यात्रा तय की है और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि यहां से निकले छात्र आज दुनिया भर में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं और हरियाणा व देश का नाम रोशन कर रहे हैं।



