Haryana

मुख्यमंत्री की हाई पावर बैठक में बड़ा फैसला! 4016 करोड़ से बिजली सुधार व महानगरों का विकास, 150 करोड़ की सीधी बचत

चंडीगढ़ : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हरियाणा निवास में हाई पॉवर्ड वर्क्स परचेज कमेटी (एचपीडब्ल्यूपीसी) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों से संबंधित महत्त्वपूर्ण अवसंरचना एवं विकास परियोजनाओं के प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया गया तथा सेवाओं एवं कार्यों की खरीद से संबंधित महत्त्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में कुल 58 निविदाओं पर विचार किया गया, जिनकी कुल अनुमानित लागत लगभग 4216 करोड़ रुपये थी। इनमें से 2 निविदाओं को रिटेंडर करने का निर्णय लिया गया। शेष 56 निविदाओं, जिनकी कुल अनुमानित लागत लगभग 4166 करोड़ रुपये थी, पर बोलीदाताओं के साथ विस्तृत नेगोशिएशन के उपरांत कुल कार्य मूल्य लगभग 4016 करोड़ रुपये पर सहमति बनी। इस प्रकार नेगोशिएशन प्रक्रिया के माध्यम से लगभग 150 करोड़ रुपये की अनुमानित बचत सुनिश्चित की गई, जिससे राज्य सरकार के वित्तीय प्रबंधन, पारदर्शिता तथा संसाधनों के कुशल उपयोग को मजबूती मिली है।

बैठक में ऊर्जा मंत्री अनिल विज, शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री विपुल गोयल, लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा तथा सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रुति चौधरी उपस्थित रहे।

बैठक में बिजली वितरण क्षेत्र को सुदृढ़ करने हेतु नवीनीकृत सुधार आधारित एवं परिणाम से जुड़ी विद्युत वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) के अंतर्गत प्रस्तुत प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई।

गुरुग्राम में एससीएडीए तथा डीएमएस/ओएमएस प्रणाली के क्रियान्वयन से संबंधित प्रस्ताव को भी बैठक में स्वीकृति प्रदान की गई। एजेंडा में शामिल फरीदाबाद एवं गुरुग्राम में आरडीएसएस योजना के तहत 66 केवी सब-स्टेशनों से जुड़े 11 केवी शहरी एवं औद्योगिक फीडरों की विद्युत वितरण अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण एवं आधुनिकीकरण से संबंधित कार्यों के लिए टेंडर को रिटेंडर करने का निर्णय लिया गया।

सोनीपत महानगरीय विकास प्राधिकरण के अंतर्गत सेक्टर 5/6, 6/9 एवं 5/10 के बीच मास्टर रोड्स के शेष हिस्सों के चार लेन चौड़ीकरण एवं सुधार कार्य। पंचकूला में घग्गर नदी पर सेक्टर-3 एवं सेक्टर-21 को सेक्टर-23 एवं सेक्टर-25 से जोड़ने वाली सड़क पर पंचकूला गोल्फ क्लब के निकट मौजूदा पुल के समीप एक नए उच्च स्तरीय पुल का निर्माण (ईपीसी मोड पर),

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी स्वीकृत कार्यों को पूर्ण गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं समयबद्धता के साथ सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी परियोजनाओं में न्यूनतम लागत पर अधिकतम गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए तथा टिकाऊ, दीर्घकालिक और कम रख-रखाव वाली निर्माण सामग्री का उपयोग किया जाए।

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