
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मंगलवार को पंजाब के नाभा स्थित ऐतिहासिक हीरा महल पहुंचे। यहां उन्होंने नाभा शाही परिवार के कुंवर अभ्युदय प्रताप सिंह की दस्तारबंदी समारोह में शिरकत की और परिवार को इस शुभ अवसर पर बधाई दी।
गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष टेका माथा, अरदास में हुए शामिल
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री नायब सैनी ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष माथा टेककर अरदास की। उन्होंने कहा कि यह दिन केवल एक पारिवारिक आयोजन नहीं, बल्कि इतिहास, संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत से जुड़ा अत्यंत गौरवपूर्ण क्षण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंवर अभ्युदय प्रताप सिंह की दस्तारबंदी महान फुलकिया राजवंश की उस परंपरा का प्रतीक है, जिसने सदियों से इस क्षेत्र को सामाजिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक दिशा दी है। यह आयोजन उस गौरवशाली विरासत के पुनर्जीवन का संदेश देता है, जो आज भी समाज के लिए प्रेरणा बनी हुई है। हम महाराजा रिपुदमन सिंह की अदम्य भावना को नमन करते हैं, जिन्होंने अंग्रेजी शासन के समय में भी अपनी स्वतंत्र सोच और सिख पहचान के साथ कभी समझौता नहीं किया। सबसे महत्वपूर्ण बात इस घराने के साथ जुड़ा वह आध्यात्मिक आशीर्वाद है, जो स्वयं दशम पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने दिया था। गुरु साहिब ने इस परिवार को ‘तेरा घर, मेरा आसरा’ का दिव्य वरदान दिया था। यह आशीर्वाद आज भी हीरा महल में गुरु साहिब के पवित्र अवशेषों की सेवा और संभाल के रूप में जीवित है। उन्होंने कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि कुंवर अभ्युदय अपनी इस महान विरासत, आस्था और सेवा की परंपरा को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का काम करेंगें।



